चीन के विकास की दिशा तय करने में अहम सम्मेलन: अनुशासन, भ्रष्टाचार पर लगाम और बेहतर प्रशासन पर जोर

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का पांचवां पूर्ण अधिवेशन 26 अक्तूब 2026 को पेइचिंग में
शुरू हुआ। यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब चीन अपनी अर्थव्यवस्था को
मजबूत बनाने, तकनीकी विकास को आगे बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को
बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पार्टी
के कामकाज की समीक्षा करना और पार्टी के भीतर अनुशासन तथा जवाबदेही को
और मजबूत करने के उपायों पर विचार करना है।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ और सरकारी वेबसाइट के मुताबिक
सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी
चिनफिंग ने केंद्रीय समिति की पोलित ब्यूरो की ओर से कार्य रिपोर्ट पेश की।
उन्होंने पार्टी के भीतर व्यापक और सख्त अनुशासन को लगातार मजबूत करने
से जुड़े मसौदा फैसले पर भी अपनी बात रखी।

26 तारीख को सम्मेलन की शुरुआत के साथ ही पार्टी के कामकाज और भविष्य
की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में विचार के लिए रखे गए
मसौदा दस्तावेज में पार्टी के अनुशासन को मजबूत करने के पिछले अनुभवों की
समीक्षा और आगे की रणनीति का खाका शामिल है।

इस दस्तावेज में पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों का विश्लेषण करने और आने
वाले समय में संगठन को मजबूत बनाने के उपायों पर जोर दिया गया है। इसमें
केवल नियम बनाने की बात नहीं है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि उन नियमों
का जमीन पर सही तरीके से पालन हो।

सम्मेलन के पहले दिन शिन्हुआ ने अपनी टिप्पणी में यह भी कहा कि चीन के
विकास से जुड़ी योजनाओं को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
उनके क्रियान्वयन पर निगरानी और जवाबदेही भी जरूरी है।
27 तारीख को शिन्हुआ ने पार्टी के आत्म-अनुशासन और जनता की भलाई के

बीच संबंध को समझाने वाली एक रिपोर्ट प्रकाशित की। इसमें चीन के
हेइलोंगजियांग प्रांत का उदाहरण दिया गया, जहां अलग-अलग सरकारी विभागों
के बीच आंकड़ों को साझा करने की व्यवस्था से कुछ पात्र लोगों को चिकित्सा
सहायता और दूसरी सुविधाएं पाने में मदद मिली।

रिपोर्ट के मुताबिक, वहां 33 विभागों और संस्थानों को जोड़ने वाला आंकड़ा-
साझाकरण नेटवर्क बनाया गया। इसके जरिए 12 आम सहायता सेवाएं बिना
अलग से आवेदन किए उपलब्ध कराने की व्यवस्था संभव हुई।

इस उदाहरण से एक अहम बात समझ आती है। अगर सरकारी विभाग आपस में
बेहतर तालमेल बनाएं और जरूरतमंद लोगों तक सुविधाएं आसानी से पहुंचें, तो
प्रशासन का सीधा लाभ आम जनता को मिल सकता है हालांकि, यह एक प्रांतीय
उदाहरण है; इससे पूरे चीन में ऐसी व्यवस्था लागू होने का निष्कर्ष नहीं निकाला
जाना चाहिए।

इस सम्मेलन का एक प्रमुख विषय भ्रष्टाचार पर नियंत्रण है। चीनी कम्युनिस्ट
पार्टी लंबे समय से अपने अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी अभियान
चला रही है। अब चर्चा का दायरा केवल भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है। सरकारी
आदेशों को लागू करने में लापरवाही, जिम्मेदारी से बचने और काम में ढिलाई जैसे
मुद्दे भी ध्यान में हैं।

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार सम्मेलन में पार्टी के
नियमों को मजबूत बनाने और अधिकारियों से नेतृत्व के फैसलों को प्रभावी ढंग से
लागू कराने पर जोर है। विश्लेषकों का मानना है कि इसका असर चीन की
प्रशासनिक व्यवस्था और आने वाले समय में पार्टी के नेतृत्व की दिशा पर भी पड़
सकता है।

चीन 2026 से 2030 तक की अपनी 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौर में प्रवेश कर
चुका है। इस अवधि में आधुनिक उद्योगों, तकनीकी नवाचार और उच्च गुणवत्ता
वाले विकास को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण रहेगा।

ऐसे में प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूती का सीधा संबंध विकास योजनाओं के
क्रियान्वयन से है। यदि सरकारी अधिकारी समय पर फैसले लागू करें, संसाधनों
का सही इस्तेमाल हो और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण रहे, तो विकास
योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं।

यह सम्मेलन चीन के लिए पार्टी के कामकाज की समीक्षा करने और प्रशासनिक
व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसकी
वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि यहां लिए गए फैसले किस तरह
लागू होते हैं और उनका लाभ आम नागरिकों तक कितना पहुंचता है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— डी के)

 

 

 

 

 

 

 

 

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