चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 30 अक्तूबर की दोपहर के बाद
पेइचिंग में यात्रा पर आये जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर के
साथ वार्ता की।
शी चिनफिंग ने कहा कि राजनयिक सम्बंध की स्थापना की आधे से
अधिक शताब्दी में चीन-जर्मनी सम्बंध का उच्च स्तरीय विकास बना
रहा है। दोनों देश हमेशा पारस्परिक विश्वास वाले दोस्त और एक
दूसरे का समर्थन करने वाले साझेदार है। विश्व के दूसरे और तीसरे
आर्थिक समुदाय के नाते चीन और जर्मनी को चीन-ईयू सम्बंध के
विकास और वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और
संपर्क व समन्वय मजबूत कर समानतापूर्ण पारस्परिक लाभ और
रणनीतिक स्थिरता वाले सहयोग का नया मॉडल बनाना चाहिए। दोनों
देशों को बंद व मुकाबला करने के बजाये खुलेपन और सहयोग का
सकारात्मक संकेत भेजना चाहिए। चीन जर्मनी के साथ दोनों देशों के
चतुर्मुखी रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय जोड़ने और अधिक
न्यायपूर्ण तथा निष्पक्ष वैश्विक शासन व्यवस्था का निर्माण आगे
बढ़ाने को तैयार है।
शी चिनफिंग ने बल दिया कि नीति की निरंतरता मूल्यवान है।
उम्मीद है कि जर्मनी खुले और सकारात्मक रुख से चीन का विकास
और चीन के साथ सहयोग देख कर विवेकतापूर्ण, व्यावहारिक,
मैत्रीपूर्ण चीन-नीति पर कायम रहेगा और पारस्परिक सम्मान तथा
समानतापूर्ण बर्ताव पर डटा रहेगा। यह चीन-जर्मनी सम्बंध के स्वस्थ
विकास का मूल्यवान अनुभव है।
शी चिनफिंग ने कहा कि चीन हमेशा यूरोपीय संघ को साझेदार
देखता है और ईयू के साथ सौहार्द और सदिच्छा से सम्बंध का
विकास करता है। उम्मीद है कि ईयू चीन के साथ आगे बढ़कर एक
साथ वैश्विक बहुध्रुवीकरण और समावेशी आर्थिक भूमंडलीकरण को
बढ़ाएगा।
फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर ने कहा कि जर्मनी-चीन सम्बंध घनिष्ठ,
पारस्परिक लाभकारी और जीवंत हैं। जर्मनी एक चीन नीति पर
कायम रहता है और द्विपक्षीय सम्बंध के भविष्य पर पक्का
विश्वास रखता है। जर्मनी चीन के साथ वैश्विक शांति व विकास की
जिम्मेदारी उठाने, मुक्त व्यापार व डब्ल्यूटीओ नियम का समर्थन
करने, संरक्षणवाद तथा व्यापार युद्ध का विरोध करने को तैयार है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)