14 सितंबर, 2026 को चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन, वियना स्थित संयुक्त राष्ट्र में चीन के
स्थायी प्रतिनिधिमंडल और संयुक्त राष्ट्र बाह्य अंतरिक्ष मामलों के कार्यालय ने वियना स्थित
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक हस्तांतरण समारोह आयोजित किया। इस दौरान चीन ने
आधिकारिक तौर पर अपने ‘छांग-अ 6’ चंद्रयान द्वारा चंद्रमा के पिछले हिस्से से एकत्र किए गए
पहली खेप के मिट्टी के नमूनों को संयुक्त राष्ट्र को दान किया। समारोह में वियना स्थित विभिन्न
अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों, विभिन्न देशों के स्थायी प्रतिनिधियों और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े
लोगों समेत 400 से अधिक अतिथियों ने हिस्सा लिया।
समारोह के दौरान चीन के राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के निदेशक शान चोंग-दे ने संयुक्त राष्ट्र वियना
कार्यालय की महानिदेशक मोनिका जुमा, संयुक्त राष्ट्र बाह्य अंतरिक्ष मामलों के कार्यालय की
निदेशक आरती होला-मैनी और वियना में चीन के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत ली सोंग के साथ
मिलकर चंद्र मिट्टी के नमूनों का अनावरण किया। ये नमूने वियना स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय
में स्थायी रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे।
इस मौके पर शान चोंग-दे ने कहा कि ‘छांग-अ’ चीन का भी है और पूरी मानवता का भी। चंद्रमा के
पिछले हिस्से से लाए गए मिट्टी के नमूनों को संयुक्त राष्ट्र को दान करना वास्तविक बहुपक्षवाद को
बढ़ावा देने और संयुक्त राष्ट्र की बाह्य अंतरिक्ष समिति की बाह्य अंतरिक्ष शासन के प्रमुख मंच के
रूप में भूमिका और अधिकार को बनाए रखने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि चीन
विभिन्न देशों के साथ अंतरिक्ष अन्वेषण से हासिल उपलब्धियों को साझा करने और मानवता के
शांतिपूर्ण बाह्य अंतरिक्ष अन्वेषण को मिलकर आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
वहीं, मोनिका जुमा ने कहा कि वियना स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में चीन की ओर से चंद्र मिट्टी
के नमूनों की स्थायी प्रदर्शनी का विशेष महत्व है। यह मानवता की वैज्ञानिक और तकनीकी
रचनात्मकता तथा ब्रह्मांड की खोज के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। साथ ही, यह साझा चुनौतियों से
निपटने में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों के प्रति
चीन के समर्थन को भी दिखाती है।
इसी तरह, आरती होला-मैनी ने कहा कि चीन द्वारा चंद्र मिट्टी के नमूने दान करना और अनुसंधान
से जुड़े आंकड़े साझा करना इस बात का एक स्पष्ट उदाहरण है कि बाह्य अंतरिक्ष पूरी मानवता का
साझा क्षेत्र है।
इसके अलावा, समारोह में पाकिस्तान और इटली समेत कई देशों के स्थायी प्रतिनिधियों ने अंतरिक्ष
अन्वेषण के क्षेत्र में चीन की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण जैसे क्षेत्रों
में सहयोग को और बढ़ाने की इच्छा भी जताई। वहीं, चीनी राजदूत ली सोंग ने कहा कि यह
आयोजन मानवता के साझा भविष्य वाले समुदाय की अवधारणा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। साथ
ही, यह संयुक्त राष्ट्र के शांति और विकास संबंधी कार्यों के प्रति चीन के समर्थन और चार प्रमुख
वैश्विक पहलों के कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, 15 सितंबर को, चीन की राजधानी पेइचिंग में चीनी विदेश मंत्रालय
की नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने कहा कि चीन द्वारा चंद्र मिट्टी के नमूनों को
संयुक्त राष्ट्र को दान करना बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और उसके वैश्विक शासन में सुधार
के प्रति एक प्रमुख शक्ति के रूप में चीन की जिम्मेदारी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि चीन सभी देशों के साथ मिलकर "बाह्य अंतरिक्ष संधि" पर आधारित अंतरराष्ट्रीय
कानून को बनाए रखना चाहता है और शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाह्य अंतरिक्ष की खोज और
उपयोग के मूल सिद्धांत का पालन करना चाहता है। इसके साथ ही, चीन बाह्य अंतरिक्ष के
शस्त्रीकरण और उसे युद्धक्षेत्र में बदलने का दृढ़ता से विरोध करता है।
प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने यह भी कहा कि चीन को उम्मीद है कि सभी देश मिलकर अंतरिक्ष
प्रौद्योगिकी की उपलब्धियों को आगे बढ़ाएंगे, ताकि पूरी मानवता को उनका बेहतर लाभ मिल सके।
चीन चाहता है कि बाह्य अंतरिक्ष मानव सहयोग और साझा लाभ का मंच बने।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)