उपद्रवियों पर प्रशासन की सख़्ती ज़िला बदर और पाबंदी की कार्रवाई
बरेली में हाल ही में हुए उपद्रव के बाद पुलिस और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख़्त कदम उठाए जा रहे हैं। जिन लोगों के पास लाइसेंसधारी हथियार हैं, उनके लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे शांति व्यवस्था बनाए रखने और आगे किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने का प्रयास किया जा रहा है। डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि अब तक 12 उपद्रवियों पर ज़िला बदर और पाबंदी की कार्रवाई की गई है। इनमें से 11 अपराधियों को गुंडा एक्ट के तहत चिन्हित कर ज़िला बदर किया गया है। इन पर विभिन्न थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और उपद्रवियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
बिहार में फाइनल वोटर लिस्ट जारी 21.53 लाख नए मतदाता जुड़े
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा कर लिया गया है। चुनाव आयोग ने मंगलवार को फाइनल वोटर लिस्ट जारी करते हुए बताया कि राज्य में अब कुल मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ हो गई है। आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता और सभी पात्र नागरिकों को मतदान का अवसर देने के उद्देश्य से पूरी की गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदाता सूची के मसौदे में सुधार और पुनरीक्षण के दौरान 21.53 लाख नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। वहीं जिन नामों में त्रुटियाँ थीं, उन्हें ठीक किया गया है। आयोग का कहना है कि अब यह फाइनल लिस्ट आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मान्य होगी। मतदाता पहचान सुनिश्चित करने के लिए बूथ स्तर पर भी विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय रूप से भागीदारी करें।
एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर BCCI का कड़ा रुख
एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) की दुबई बैठक में एशिया कप 2025 फाइनल को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। बैठक में बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और पूर्व कोषाध्यक्ष आशीष शेलार ने भारत की जीत पर ट्रॉफी न सौंपे जाने को लेकर कड़ा एतराज़ जताया। सूत्रों के मुताबिक, बीसीसीआई ने साफ कहा कि विजेता टीम को सम्मान मिलना चाहिए और ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी का रवैया उचित नहीं था। शुक्ला ने बैठक में सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रॉफी ACC की है, किसी की निजी संपत्ति नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत की जीत के बाद टीम को सम्मानित करने में देरी और अनिच्छा दिखाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के दबाव के बाद नकवी को मजबूरन भारत को खिताब जीतने पर बधाई देनी पड़ी। नकवी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें खुद समझ नहीं आया कि उस वक्त उन्हें क्यों नजरअंदाज कर दिया गया और ACC को ट्रॉफी अस्वीकार किए जाने की कोई सूचना नहीं थी। हालांकि, बीसीसीआई का रुख स्पष्ट रहा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति अस्वीकार्य है और विजेता टीम का सम्मान हर हाल में होना चाहिए।
LPG सिलेंडर के दाम में होगा बदलाव
1 अक्टूबर से LPG सिलेंडर के दाम में बदलाव होने वाला है। आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां LPG, CNG और जेट फ्यूल के दाम में बदलाव होता है। पिछले कुछ समय से कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर (19 किग्रा) के दाम में बदलाव किया है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में इस सिलेंडर के भाव 8 अप्रैल 2025 से नहीं बदले हैं।
1 अक्टूबर से बंद होगा UPI का ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ फीचर
1 अक्टूबर से UPI का ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ या ‘पुल ट्रांजैक्शन’ फीचर बंद किया जा रहा है। इस बदलाव के बाद यूजर्स अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार से सीधे पैसे मांगने का विकल्प नहीं पाएंगे। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का कहना है कि यह कदम ऑनलाइन फ्रॉड और फिशिंग जैसे मामलों को रोकने के लिए उठाया गया है। इस फीचर के हटने से डिजिटल पेमेंट सिस्टम और सुरक्षित बनेगा तथा यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाया जा सकेगा।
अब UPI से 5 लाख रुपये तक का ट्रांजैक्शन संभव
UPI के जरिए लेन-देन की अधिकतम सीमा बढ़ा दी गई है। अब यूजर्स एक बार में 5 लाख रुपये तक का ट्रांजैक्शन कर सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा केवल 1 लाख रुपये थी। इस बदलाव से खासतौर पर रियल एस्टेट, ई-कॉमर्स और बड़े व्यावसायिक लेन-देन करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। नई लिमिट से डिजिटल पेमेंट्स और भी आसान और प्रभावी हो जाएंगे।
पेंशन योजनाओं में 1 अक्टूबर से नए नियम लागू
1 अक्टूबर से NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम), अटल पेंशन योजना और NPS Lite से जुड़े नए प्रावधान लागू होंगे। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने CRA (सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी) से संबंधित शुल्कों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों को नया PRAN (परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर) खोलते समय e-PRAN किट के लिए 18 रुपये का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही NPS Lite ग्राहकों के लिए भी शुल्क संरचना को सरल और पारदर्शी बना दिया गया है।





