पेइचिंग डब्ल्यूआरसी 2026: जहां रोबोट भविष्य लिखेंगे

2015 में स्थापित विश्व रोबोट सम्मेलन (डब्ल्यूआरसी) का 12वां संस्करण अब
19 से 23 अगस्त 2026 तक राजधानी पेइचिंग में आयोजित होगा। यह उसी यात्रा
का अगला अध्याय है।

यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब चीन का रोबोटिक्स उद्योग लगातार बड़े
मील के पत्थर गाड़ रहा है। शांगहाई में 2026 विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई)
सम्मेलन (WAIC) खत्म हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ, और कुछ दिन पहले
ही ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने वाली Unitree Robotics ने चीन के मुख्य भूमि का
पहला ह्यूमनॉइड रोबोट IPO लॉन्च करके इतिहास रच दिया। साफ है, गति अब
थमने वाली नहीं है।

"मानव-मशीन सहजीवन": थीम और वैश्विक मंच
“मानव-मशीन सहजीवन, उत्पादन और मांग का एकीकरण”की थीम पर
आधारित यह पांच दिवसीय सम्मेलन पूरी दुनिया को चीन के तेज़ी से बढ़ते रोबोट
उद्योग की ज़बरदस्त ऊर्जा और नवाचार क्षमता दिखाएगा।

चीन इलेक्ट्रॉनिक्स सोसाइटी के अनुसार, जो इस आयोजन की मेज़बानी कर रही
है, इस साल के सम्मेलन में 300 से ज्यादा प्रदर्शक कंपनियों के 2000 से ज्यादा
उत्पाद प्रदर्शित होंगे। इनमें चीन और दुनिया की अग्रणी कंपनियां अपने
अत्याधुनिक उत्पाद और उपलब्धियां दिखाएंगी। प्रदर्शनी में ह्यूमनॉइड रोबोट,
औद्योगिक रोबोट, विशेष-उद्देश्य वाले रोबोट, सर्विस रोबोट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता
(AI), स्मार्ट होम और अन्य क्षेत्रों की नवीनतम तकनीकें देखने को मिलेंगी।
और सबसे बड़ी बात – मुख्य मंच के 30 प्रतिशत वक्ता अंतरराष्ट्रीय मेहमान
होंगे। यानी यह अब सिर्फ चीन का शो नहीं रहा, यह वाकई एक वैश्विक मंच बन
चुका है। इस सम्मेलन ने दुनिया का ध्यान सिर्फ चीन की तकनीकी ताकत की
वजह से नहीं खींचा। असली वजह है वैश्विक सार्वजनिक हित में चीन का बढ़ता
योगदान।

पिछले साल की तुलना में इस बार प्रदर्शकों की संख्या में 36 प्रतिशत, प्रदर्शों में 27
प्रतिशत और पहली बार पेश होने वाले उत्पादों में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की
उम्मीद है। साथ ही 150 से ज्यादा नए उत्पाद इसी मंच से दुनिया के सामने
आएंगे। इस तरह यह सम्मेलन रोबोटिक्स उद्योग में नवीनतम सफलताओं,
नवाचारों और वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल होने वाले अनुप्रयोगों के लिए एक
वैश्विक मंच बनने जा रहा है।

सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, उद्योग का इंजन:
2015 में स्थापना के बाद से, विश्व रोबोट सम्मेलन रोबोट विनिर्माण और कृत्रिम
बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन बन
चुका है। यह सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि रोबोटिक्स उद्योग के लिए एक
ऐसा मंच है जहां नवीनतम आविष्कारों को दिखाया जाता है और हर स्तर पर
रोबोटिक्स को बढ़ावा दिया जाता है।

इस बार का सम्मेलन सिर्फ बातों तक सीमित नहीं रहेगा। यहीं से "वैश्विक
रोबोटिक्स अनुप्रयोग अन्वेषण कार्यक्रम" की भी शुरुआत होगी। इसके तहत
दुनिया भर की दिग्गज रोबोटिक्स कंपनियों से ह्यूमनॉइड रोबोट, चौपाये रोबोट
और निपुण हाथ जैसे बड़े पैमाने पर बने उत्पाद मांगे जाएंगे। फिर इन्हें दुनिया
भर की बेहतरीन नवाचार टीमों के साथ मुफ्त ट्रायल के लिए जोड़ा जाएगा।
मकसद साफ है – लैब से निकलकर असल दुनिया में रोबोट्स को आजमाना, ताकि
अत्याधुनिक तकनीक बाजार तक तेजी से पहुंच सके।

और इस बार पहली बार मेला परिसर में एक "रोबोट शॉपिंग स्ट्रीट" भी सजेगी।
यहां रोबोट शेफ खुद आपके सामने मिलकर ब्रांडेड खाना और पेय बनाएंगे। साथ
ही डब्ल्यूआरसी के शुभंकर पर आधारित क्रिएटिव कल्चरल सामान भी बिक्री के
लिए उपलब्ध होगा। तकनीक अब सिर्फ प्रदर्शनी की शोपीस नहीं, बल्कि रोजमर्रा
की जिंदगी का हिस्सा बनने जा रही है।
13 साल से नंबर-1: निर्यात से लेकर वैश्विक पहुंच तक
चीन का विश्व रोबोट सम्मेलन की मेज़बानी करना कोई आश्चर्य की बात नहीं है।

आखिरकार, 2013 में ही चीन ने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया का सबसे बड़ा
औद्योगिक रोबोट बाज़ार बनने का ताज हासिल कर लिया था। तब से लेकर अब
तक 13 सालों से लगातार चीन इस क्षेत्र में नंबर-1 बना हुआ है। आज, चीन के
घरेलू बाज़ार में घरेलू ब्रांड्स की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज़्यादा है।

बदलाव यहीं नहीं रुका। 2025 में पहली बार चीन औद्योगिक रोबोट का शुद्ध
निर्यातक बना। शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, 2025 में चीन ने रिकॉर्ड संख्या
में औद्योगिक रोबोट बनाए। ये वैश्विक उत्पादन का लगभग एक-तिहाई हैं और
दुनिया में चल रहे कुल रोबोट स्टॉक का आधे से ज्यादा हिस्सा चीन के पास है।
इस गति ने 2026 में और जोर पकड़ा। 2026 की पहली छमाही में ही चीन के
औद्योगिक रोबोट निर्यात 6.29 अरब युआन यानी करीब 919.1 मिलियन डॉलर
तक पहुंच गए। ये रोबोट अब दुनिया के 141 देशों और क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और नवाचार आधारित दवाओं से वैश्विक नेतृत्व:
AI और रोबोटिक्स का नया युग

यह साफ है कि चीन ने रोबोटिक और डिजिटाइज़्ड विनिर्माण को अपनी राष्ट्रीय
रणनीति का केंद्र बनाया है। रोबोटिक्स का यह तेज़ विकास चीन के "नए तीन"
उद्योगों — कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और नवाचार आधारित दवाओं — के
उदय का हिस्सा है। ये तीनों क्षेत्र विनिर्माण को अपग्रेड करने, निर्यात बढ़ाने और
तकनीक के नए अनुप्रयोग विकसित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। चीन की
2026 की राष्ट्रीय विकास योजना में भी रोबोटिक्स और बायोमेडिसिन को
रणनीतिक उद्योगों के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

चीन AI क्रांति का फायदा उठाने के लिए सबसे बेहतर स्थिति में खड़ा है। उसके
पास दुनिया का सबसे बड़ा डेटा भंडार है, और टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनियों का
पूरा इकोसिस्टम है जो AI को स्केल पर डेवलप और तैनात करने के लिए तैयार हैं।
इसी ताकत की वजह से एआई में तकनीकी श्रेष्ठता की दौड़ में चीन आज सबसे
आगे दिख रहा है। चीन की बड़ी और छोटी टेक कंपनियां पहले ही अपने कोर
बिजनेस में एआई सिस्टम बना चुकी हैं और उनका असर सीधे इंसानों की जिंदगी पर दिख रहा है।
निष्कर्ष: बुद्धिमान युग की गति अब चीन तय कर रहा है

रोबोटिक्स एक स्मार्ट, अधिक कुशल और समावेशी भविष्य की ओर ले जाने वाला
सबसे महत्वपूर्ण इंजन बनेगा। पेइचिंग में होने वाला विश्व रोबोट सम्मेलन केवल
एक तकनीकी प्रदर्शनी नहीं है — यह इस बात का ठोस प्रमाण है कि चीन वैश्विक
अनुयायी से बदलकर रोबोटिक्स उद्योग में विश्व नेता बन चुका है। खुलेपन और
सहयोग की भावना के साथ, चीन दुनिया को आमंत्रित कर रहा है कि हम मिलकर
शोध को मजबूत करें और रोबोट तकनीक के औद्योगिकरण को तेज करें, ताकि
बुद्धिमान युग के लिए एक साझा दृष्टि गढ़ी जा सके।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— रविशंकर बसु)

 

 

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