Stock Market में गिरावट का सिलसिला जारी, Nifty लगातार 7वें दिन फिसला; Sensex भी चौथे दिन कमजोर

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला और प्रमुख सूचकांकों की लगातार गिरावट जारी रही। Nifty 76.60 अंक यानी 0.32 प्रतिशत टूटकर 24,078.30 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 325.78 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,909.68 पर पहुंच गया। Nifty की यह लगातार सातवीं गिरावट रही, जो सितंबर 2025 के बाद सबसे लंबा कमजोर दौर है। वहीं Sensex लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरकर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू शेयर बाजार की धारणा पर भी पड़ा और निवेशक सतर्क नजर आए।

24,000 के अहम स्तर पर बाजार की नजर, अगली चाल के लिए यह स्तर बेहद महत्वपूर्ण

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अब Nifty के लिए 24,000 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बन गया है। तकनीकी संकेतकों पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि यदि इंडेक्स 24,050 के नीचे मजबूती से बंद होता है तो अगला दबाव 24,000 के आसपास दिखाई दे सकता है। दूसरी ओर तेजी लौटने की स्थिति में 24,200 से 24,300 का क्षेत्र बाजार के लिए तत्काल चुनौती बन सकता है। ऐसे में आने वाले सत्रों में इन स्तरों के आसपास बाजार की दिशा तय होने की संभावना है।

Max Healthcare, Coal India और Power Grid समेत इन शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव

Nifty के प्रमुख शेयरों में Max Healthcare Institute, Coal India और Power Grid Corporation of India बुधवार को सबसे ज्यादा कमजोर रहने वाले शेयरों में शामिल रहे। व्यापक बाजार में भी दबाव दिखाई दिया। Nifty MidCap इंडेक्स 0.21 प्रतिशत नीचे आया, जबकि Nifty SmallCap इंडेक्स में 0.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यानी बड़ी कंपनियों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की बिकवाली देखने को मिली।

IT सेक्टर ने दिखाई मजबूती, Chemical इंडेक्स सबसे ज्यादा कमजोर रहा

बाजार में सभी सेक्टरों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। Nifty Chemical इंडेक्स सबसे कमजोर सेक्टर बनकर उभरा, जबकि IT शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और Nifty IT इंडेक्स अन्य प्रमुख सेक्टरों की तुलना में मजबूत रहा। Sensex के शेयरों में HCL Technologies, Eternal, Kotak Mahindra Bank, Sun Pharmaceutical Industries और Titan बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी तरफ Power Grid Corporation, Bajaj Finance, Larsen & Toubro, ITC और Hindustan Unilever पर दबाव बना रहा।

ग्लोबल कमजोरी और आगे कच्चे तेल की चाल बाजार के लिए बनेगी अहम

विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू बाजार में जारी कमजोरी के पीछे वैश्विक शेयर बाजारों का दबाव भी महत्वपूर्ण कारण है। हालांकि पहली तिमाही FY27 के नतीजों ने कंपनियों की कमाई को लेकर निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है और ज्यादातर कॉरपोरेट परिणाम उम्मीदों से बेहतर रहे हैं। अब बाजार की अगली दिशा में कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतें अहम भूमिका निभा सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की अस्थायी सकारात्मक परिस्थितियों का असर कम होने के बाद क्रूड ऑयल सप्लाई चेन की स्थिरता बाजार के लिए बड़ा संकेतक बन सकती है। ऐसे में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, तेल की कीमतों और 24,000 के Nifty स्तर पर बनी रहेगी।

 

 

 

 

 

 

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