लखनऊ/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में प्रांतीय रक्षक दल यानी PRD स्वयंसेवकों के लिए योगी सरकार ने दो बड़े फैसले किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 से बढ़ाकर 600 रुपये करने की घोषणा की है। इसके साथ ही जवानों और उनके परिवारों के लिए ‘मुख्यमंत्री PRD कैशलेस चिकित्सा योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत हर साल 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
250 रुपये से 600 रुपये तक पहुंचा ड्यूटी भत्ता
गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित PRD स्वयंसेवकों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि PRD के गठन के बाद लंबे समय तक स्वयंसेवकों को बेहद कम दैनिक भत्ता मिलता रहा। वर्ष 2019 तक यह राशि 250 रुपये प्रतिदिन थी।
योगी सरकार ने 2019 में इसे बढ़ाकर 375 रुपये किया। इसके बाद 2022 में 395 रुपये और 2025 में 500 रुपये प्रतिदिन किया गया। अब इसे बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने की घोषणा की गई है। सरकार के लिहाज से देखें तो यह केवल 100 रुपये की तत्काल बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि 2019 के मुकाबले दैनिक ड्यूटी भत्ते में उल्लेखनीय वृद्धि है। PRD स्वयंसेवकों के लिए इसका सीधा असर उनकी ड्यूटी से मिलने वाली दैनिक आय पर पड़ेगा।
परिवार के इलाज की चिंता भी होगी कम
इस फैसले का दूसरा और ज्यादा महत्वपूर्ण हिस्सा कैशलेस चिकित्सा योजना है। ‘मुख्यमंत्री PRD कैशलेस चिकित्सा योजना’ के तहत PRD जवानों के साथ उनके परिवार को भी सालाना 5 लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा देने की बात कही गई है।
इसका सबसे बड़ा फायदा उन परिवारों को मिल सकता है, जिनके लिए गंभीर बीमारी या महंगा अस्पताल उपचार अचानक बड़ा आर्थिक संकट बन जाता है। कैशलेस सुविधा होने से इलाज के समय तत्काल बड़ी रकम जुटाने की जरूरत भी कम हो सकती है।
सिर्फ भत्ता नहीं, सामाजिक सुरक्षा पर फोकस
योगी सरकार का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि PRD स्वयंसेवक पुलिस और प्रशासन के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं में अपनी भूमिका निभाते हैं। कानून-व्यवस्था, यातायात, प्रशासनिक ड्यूटी और विभिन्न आयोजनों में इनकी सेवाएं ली जाती हैं।
ऐसे में सरकार का फोकस अब केवल ड्यूटी लेने तक सीमित नहीं, बल्कि ड्यूटी करने वाले स्वयंसेवकों के आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत करने की दिशा में भी दिखाई दे रहा है।
लखनऊ में बनेगा बहुमंजिला PRD बैरक
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुमंजिला PRD बैरक का शिलान्यास भी किया। रिमोट का बटन दबाकर परियोजना की शुरुआत की गई।
इससे संकेत मिलता है कि सरकार PRD के लिए केवल वित्तीय सुविधाओं में ही नहीं, बल्कि उनके आवासीय और बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
आठ साल में भत्ते में बड़ा बदलाव
योगी सरकार के आंकड़ों को क्रम से देखें तो PRD स्वयंसेवकों का दैनिक भत्ता 2019 के 250 रुपये से बढ़कर अब 600 रुपये प्रस्तावित किया गया है।
250 → 375 → 395 → 500 → 600 रुपये
यानी आठ वर्षों के भीतर दैनिक ड्यूटी भत्ते में 350 रुपये की वृद्धि हुई है। प्रतिशत के लिहाज से यह शुरुआती 250 रुपये के मुकाबले 140 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
राजनीतिक संदेश भी साफ
इस फैसले का एक प्रशासनिक पहलू है, लेकिन इसका राजनीतिक-सामाजिक संदेश भी स्पष्ट है। योगी सरकार लंबे समय से पुलिस, होमगार्ड, सुरक्षाकर्मियों और अन्य फील्ड स्टाफ से जुड़ी सुविधाओं को अपने शासन मॉडल का हिस्सा बनाती रही है। PRD स्वयंसेवकों के लिए भत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा बढ़ाना इसी व्यापक नीति की कड़ी के तौर पर देखा जा सकता है। सबसे बड़ा संदेश यही है—PRD जवानों की ड्यूटी बढ़ने के साथ अब उनकी आर्थिक सुरक्षा और परिवार के स्वास्थ्य की चिंता को भी सरकारी नीति में जगह दी जा रही है।
PRD स्वयंसेवकों के लिए योगी सरकार के दोनों फैसले सीधे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं। 600 रुपये दैनिक ड्यूटी भत्ता तत्काल आर्थिक लाभ देगा, जबकि 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा लंबे समय की सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली व्यवस्था बन सकती है। अब इसकी वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि नई चिकित्सा योजना का लाभ कितनी आसानी और कितनी तेजी से PRD जवानों और उनके परिवारों तक पहुंचता है और बढ़ा हुआ भत्ता जमीनी स्तर पर समय से लागू होता है।