अगर बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम बाकी है तो उसे समय रहते निपटाना जरूरी है, क्योंकि 11 सितंबर से बैंकिंग सेवाओं पर लगातार कई दिनों तक असर पड़ने की बात कही गई है। शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। ऐसे में शाखाओं से जुड़े कई जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं और ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
11 सितंबर की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी से लगातार तीन दिन प्रभावित रह सकता है बैंकिंग कामकाज
बैंक कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके अगले दिन 12 सितंबर को शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाओं में लगातार तीन दिनों तक सामान्य कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। इस दौरान चेक क्लीयरेंस, नकद जमा और शाखा से जुड़े दूसरे कार्यों के लिए ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है।
सितंबर के आखिरी दिनों में भी प्रस्तावित हड़ताल से पांच दिन तक बैंक बंद रहने की स्थिति बन सकती है
महीने के अंत में भी बैंक कर्मचारियों की ओर से एक और बड़ा आंदोलन प्रस्तावित बताया गया है। 26 सितंबर शनिवार और 27 सितंबर रविवार होने के बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। अगर यह कार्यक्रम तय योजना के अनुसार होता है तो इन तारीखों को जोड़कर लगातार पांच दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
अगले कुछ हफ्तों में कई छुट्टियों और हड़ताल के कारण ग्राहकों को बैंक से जुड़े काम पहले निपटाने की सलाह
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार सितंबर में अलग-अलग छुट्टियों और हड़ताल के चलते बैंकिंग कामकाज पर बड़ा असर पड़ सकता है। दिए गए विवरण के मुताबिक अगले 20 दिनों के दौरान कुल 9 दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने की आशंका जताई गई है। ऐसे में जिन ग्राहकों को चेक, नकद लेन-देन या शाखा से जुड़े जरूरी काम करने हैं, उन्हें तारीखों का ध्यान रखना होगा।
पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने से लेकर पेंशन और महंगाई भत्ते तक कई मांगों को लेकर कर्मचारी नाराज
बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने, पेंशन अपडेट करने और समान महंगाई भत्ता (DA) देने की मांग भी रखी गई है। कर्मचारियों की ओर से खाली पदों को भरने और ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने की मांग भी बताई गई है।
NPS खत्म करने और अधिकारियों से जुड़े PLFI नियमों में बदलाव समेत इन मांगों पर भी कर्मचारियों ने उठाई आवाज
कर्मचारियों की मांगों में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना लागू करना भी शामिल है। इसके अलावा स्केल-4 से ऊपर के अधिकारियों से संबंधित PLFI वापसी के फैसलों को निरस्त करने की मांग बताई गई है। यानी कर्मचारियों का आंदोलन केवल छुट्टियों से जुड़ी मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि पेंशन, पदोन्नति, ग्रेच्युटी और सेवा शर्तों से जुड़े कई मुद्दे भी इसमें शामिल हैं।





