राम मंदिर के चढ़ावा और दान में कथित गड़बड़ी के मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अयोध्या बार एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लिया है। आपात बैठक में अधिवक्ताओं ने तय किया कि इस मामले के किसी भी आरोपी की ओर से कोई वकील पैरवी नहीं करेगा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि यदि कोई अधिवक्ता आरोपियों का मुकदमा लड़ता है तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसकी बार की सदस्यता भी समाप्त की जा सकती है। बैठक में मामले की सीबीआई जांच कराने और ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर याचिका दायर करने का भी निर्णय लिया गया। बार एसोसिएशन का कहना है कि यह फैसला श्रद्धालुओं की आस्था और न्याय के हित में लिया गया है।




