Awarapan 2 Review: ‘आलिया’ को बचाने के लिए ‘शिवम पंडित’ ने लगाई जान की बाजी, दिल छू गए इमरान हाशमी
2007 में आई ‘आवारापन’ ने हिंदी सिनेमा में एंटी-हीरो की परिभाषा को नए सिरे से गढ़ा था। लगभग दो दशक बाद आई ‘आवारापन 2’ उस विरासत को निराश नहीं करती। अगर आपने पहली फिल्म देखी है, तो शुरुआती सीन्स की झलकियाँ सीधे आपको उस दौर से जोड़ देती हैं।
फिल्म: आवारापन 2
कलाकार: इमरान हाशमी, दिशा पाटनी, शबाना आज़मी, पूरन गब्बी, सुविंदर विक्की और विजयंत कोहली
निर्देशक: नितिन कक्कड़
रिलीज़ डेट: 14 अगस्त 2026
रनटाइम: 140 मिनट
रेटिंग: 4 स्टार्स
कहां देखें: सिनेमाघर
कहानी शिवम पंडित के अतीत से शुरू होकर एक नए क्राइम-थ्रिलर का रूप लेती है। अपनी दिवंगत महबूबा की यादों के सहारे जी रहा शिवम, कब्र के पास मिली एक नवजात अनाथ बच्ची (‘आलिया’) को बचाने की ज़िम्मेदारी लेता है। लेकिन जब वही बच्ची सालों बाद अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी (Human Trafficking) के चंगुल में फँसती है, तो शिवम का रक्षक अवतार सड़कों पर उतर आता है।
स्क्रीन प्रेजेंस और अदाकारी का शिखर
इमरान हाशमी का वन-मैन शो: इमरान हाशमी की ‘चीखती हुई आँखें’, बिखरी लंबी ज़ुल्फ़ें और लीन सिक्स-पैक फिज़िक यह साफ बयां करते हैं कि भावनात्मक और उग्र भूमिकाओं में उनका कोई विकल्प नहीं है।
विलेन की दोहरी चुनौती: शबाना आज़मी ने नकारात्मक और गंभीर किरदार में अपने छोटे से स्क्रीन-टाइम का भी पूरा फायदा उठाया है। वहीं पूरन गब्बी का स्क्रीन प्रेजेंस और खतरनाक बॉडी लैंग्वेज विलेन के रूप में खौफ़ पैदा करता है।
सपोर्टिंग कास्ट का सरप्राइज: दिशा पाटनी ने अपनी अदाकारी से यह साबित किया है कि वो सिर्फ ग्लैमर्स रोल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गंभीर सीन्स भी बखूबी निभा सकती हैं। सुविंदर विक्की और विजयंत कोहली का काम भी कहानी को मजबूती देता है।
तकनीकी पक्ष और निर्देशन का कैनवास
नितिन कक्कर का निर्देशन काफी परिपक्व है। फिल्म का स्क्रीनप्ले और गहरे संवाद आपको आखिरी फ्रेम तक बाँधते हैं। फिल्म का संगीत पहले ही ऑडियो प्लेटफॉर्म्स पर छाया हुआ है और सिनेमाघर में यह बैकग्राउंड में कहानी की रफ्तार के साथ पूरी तरह तालमेल बिठाता है। यद्यपि वीएफएक्स का उपयोग सीमित और सही है, लेकिन अगर सेकंड हाफ में एडिटिंग थोड़ी और चुस्त (Crisp) होती, तो पेसिंग और भी असरदार हो सकती थी।
अंतिम राय
‘आवारापन 2’ सिर्फ़ एक क्राइम थ्रिलर नहीं है; यह एक टूटे हुए इंसान की प्रायश्चित और इंसानियत के प्रति वफादारी की दास्तान है। एक्शन, इमोशन और सीटी-मार डायलॉग्स का यह कॉम्बिनेशन आप पूरे परिवार के साथ आसानी से एन्जॉय कर सकते हैं।





