20 अगस्त को पूर्वी चीन के ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में 2026 एपेक ऊर्जा थिंक टैंक फोरम
का आयोजन किया गया। इसमें एपेक के 16 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, थिंक
टैंकों और अनुसंधान संस्थानों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिनिधियों ने ऊर्जा
सुरक्षा और क्षेत्रीय लचीलापन, ऊर्जा प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग, बहुपक्षीय सहयोग और थिंक
टैंक नेटवर्क के निर्माण जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की। साथ ही, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में व्यावहारिक
ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने तथा साझा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए विचारों पर सहमति
बनाई गई।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के आर्थिक विकास और समृद्धि के लिए ऊर्जा एक महत्वपूर्ण आधार है। मौजूदा
जटिल और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा स्थिति को देखते हुए, सभी प्रतिभागियों ने माना कि एशिया-
प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं को संस्थागत सहयोग के जरिए मौजूदा बाधाओं को और कम करना चाहिए।
इसके साथ ही ऊर्जा सुरक्षा और हरित बदलाव के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने, प्रमुख मूलभूत
प्रौद्योगिकियों में सहयोग और नवाचार को मजबूत करने तथा क्षेत्रीय ऊर्जा बाजारों के बीच संपर्क
बढ़ाने की जरूरत है। इससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक मजबूत और लचीली ऊर्जा सुरक्षा प्रणाली
बनाने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, फोरम में "चीन और एपेक ऊर्जा सहयोग की नई यात्रा: ऊर्जा सहयोग के जरिए
एशिया प्रशांत समृद्धि को बढ़ावा देना" शीर्षक एक रिपोर्ट जारी की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 1991 में एपेक में शामिल होने के बाद से चीन ने अपनी ऊर्जा विकास
रणनीतियों को अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ लगातार जोड़ने की दिशा में काम किया है। इसमें
पारंपरिक ऊर्जा, नई ऊर्जा और बिजली सहित कई क्षेत्रों में सहयोग शामिल है। यह सहयोग निवेश,
व्यापार और बुनियादी ढांचे की पूरी श्रृंखला तक फैला हुआ है। इससे आपूर्ति और मांग में बेहतर
तालमेल, हरित विकास, आपूर्ति श्रृंखलाओं के बीच मजबूत संपर्क और सहयोगात्मक शासन पर
आधारित ऊर्जा सहयोग का ढांचा तैयार हुआ है। इसने क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास में चीन
के योगदान को भी बढ़ाया है। फोरम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि 16वीं एपेक ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक 10 से 11 सितंबर तक चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित की जाएगी।
(साभार- चाइना मीडिय ग्रुप, पेइचिंग)





