UP Politics: अमित शाह ने यूपी भाजपा को दिया एकजुटता का मंत्र, बोले- नाराजगी गोमती में बहाकर चुनाव की तैयारी में जुटें कार्यकर्ता

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने शुक्रवार को प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने संगठन के भीतर चल रही नाराजगी, आपसी मतभेद और असंतोष को पीछे छोड़कर चुनावी लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपनी शिकायतों और निराशा को गोमती नदी में छोड़कर जाएं और चुनाव में मतगणना तक एकजुट होकर काम करें। भाजपा की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जाए। बैठक में संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया

अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा- व्यक्तिगत नाराजगी छोड़कर पार्टी की जीत के लिए मिलकर करें काम
अमित शाह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि चुनाव से पहले संगठन के भीतर किसी भी तरह की खींचतान पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मन में किसी के प्रति नाराजगी या असंतोष है तो उसे यहीं छोड़कर आगे बढ़ें। उन्होंने यह भी समझाया कि राजनीति में हर व्यक्ति की उम्मीद पूरी नहीं होती और कई बार परिस्थितियां मनमुताबिक नहीं रहतीं, लेकिन इसका असर संगठन के काम पर नहीं पड़ना चाहिए। शाह ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक सक्रिय रहने तथा चुनाव परिणाम आने तक पूरी ताकत के साथ जुटे रहने की अपील की। उनका संदेश साफ था कि पार्टी की जीत व्यक्तिगत मतभेदों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।

संगठन में उपेक्षा की शिकायतों के बीच भाजपा ने शुरू किया सर्वे, कार्यकर्ताओं की राय पर रहेगा जोर
उत्तर प्रदेश भाजपा इन दिनों संगठन की वास्तविक स्थिति समझने के लिए सर्वे करवा रही है। इस प्रक्रिया के दौरान कई कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले लोगों को कई बार उचित महत्व नहीं मिलता। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। एक नेता ने चिंता जताई कि दूसरे दलों से आने वाले नेताओं को टिकट या मंत्री पद देना अलग बात है, लेकिन उन्हें संगठन के महत्वपूर्ण वरिष्ठ पदों पर नियुक्त करने से पुराने कार्यकर्ताओं के लिए असहज स्थिति बनती है। इन शिकायतों के बीच अमित शाह का एकजुटता का संदेश संगठन के भीतर समन्वय बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने भाजपा की विचारधारा को बताया सबसे बड़ी ताकत, आडवाणी के संदेश का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की बातों को याद करते हुए कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों और प्राथमिकताओं में बदलाव संभव है, लेकिन पार्टी के मूल सिद्धांत, विचारधारा और आदर्श स्थायी रहते हैं। योगी ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता व्यक्तिगत सम्मान या अपमान से ऊपर उठकर संगठन के लिए काम करता है। उनके अनुसार, पार्टी की मजबूती का आधार उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी विचारधारा के साथ खड़े रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से इसी भावना के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।

पंकज चौधरी ने बूथ समितियों की सक्रियता पर उठाए सवाल, विधायकों को कार्यकर्ताओं की बात सुनने की दी सलाह
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संगठन की जमीनी सक्रियता पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने नेताओं से सवाल किया कि क्या हर बूथ पर पार्टी की टीम सक्रिय है और क्या बूथ समितियां नियमित रूप से अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने मंडल, जिला और क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा करने पर जोर दिया। पंकज चौधरी ने सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों से कहा कि वे कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखें। उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं को केवल अपनी बात रखने के बजाय कार्यकर्ताओं की समस्याएं और सुझाव भी ध्यान से सुनने चाहिए। उनके मुताबिक, पार्टी की असली ताकत समर्पित कार्यकर्ता हैं और उनका सम्मान संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

अमित शाह ने योगी सरकार के कामकाज की तारीफ की, कानून-व्यवस्था और निवेश को बताया विकास का आधार
बैठक में अमित शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने योगी सरकार के कामकाज की तुलना समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की पिछली सरकारों से करते हुए इसे 200 प्रतिशत बेहतर बताया। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार होने से निवेश के अवसर बढ़े हैं और रोजगार सृजन को भी गति मिली है। उन्होंने केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका की सराहना की। कुल मिलाकर बैठक में भाजपा नेतृत्व ने चुनाव से पहले संगठन की कमियों को दूर करने, पुराने कार्यकर्ताओं का भरोसा मजबूत करने और बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया।

 

 

 

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