Tuesday, August 25, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मुख्य समाचार

बेरोजगार जेन-Z नौकरी के बदले दे रहे पैसे..नौकरी का नाटक मजबूरी या शौक जानें क्या है वजह?

DigitalDesk by DigitalDesk
August 25, 2026
in मुख्य समाचार
0
Unemployed Gen Z paying money in exchange for jobs
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

चीन में बेरोजगारी का संकट अब सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं रह गया है, बल्कि उसने युवाओं की रोजमर्रा की जिंदगी और सोच को भी बदलना शुरू कर दिया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेरोजगार Gen-Z युवा अब नौकरी करने के लिए नहीं, बल्कि नौकरी जैसा माहौल पाने के लिए पैसे खर्च कर रहे हैं। वे रोज सुबह तैयार होकर घर से निकलते हैं, नकली ऑफिस पहुंचते हैं, कंप्यूटर खोलते हैं और काम करने का रूटीन निभाते हैं। इसके लिए उन्हें प्रतिदिन करीब 30 से 50 युआन यानी लगभग 350 से 600 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।

नौकरी नहीं तो नकली ऑफिस सही! चीन का Job Crisis खोल रहा Gen-Z की मजबूरी और सिस्टम की बड़ी तस्वीर
नौकरी के लिए पैसे देने की नौबत

बेरोजगारी का बढ़ता दबाव

चीन के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार के अवसरों की कमी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, युवा बेरोजगारी दर जून के 14.9 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 17.9 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह हाल के वर्षों में दूसरा सबसे ऊंचा स्तर बताया गया है। यानी हर छह में करीब एक युवा नौकरी के बाजार में संघर्ष कर रहा है। ऐसे में ‘प्रीटेंड टू वर्क’ जैसे नकली ऑफिसों का उभरना केवल अजीब ट्रेंड नहीं, बल्कि रोजगार संकट की गहराई का संकेत है। डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं को स्थायी नौकरी नहीं मिल रही और लगातार आवेदन, इंटरव्यू और असफलता मानसिक दबाव बढ़ा रहे हैं।

Related posts

Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav

जन विश्वास अभियान: कार्रवाई से विकास तक, CM मोहन यादव का फील्ड मॉडल

August 25, 2026
Boarding pass from September 1 Abolition of immigration stamps elimination of a single stamp

इंटरनेशनल ट्रैवल में बड़ा बदलाव: बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन स्टैंप खत्म, डिजिटल सफर की ओर बढ़ा भारत

August 25, 2026

नकली ऑफिस क्यों बन रहे सहारा?

शेनझेन, शंघाई, नानजिंग, वुहान, चेंगदू और कुनमिंग जैसे शहरों में ऐसे ऑफिस युवाओं को वास्तविक कार्यस्थल जैसा वातावरण उपलब्ध करा रहे हैं। यहां डेस्क, इंटरनेट, कंप्यूटर और ऑफिस जैसी सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन इसका असली फायदा भौतिक सुविधाओं से ज्यादा मानसिक और सामाजिक है। घर में लगातार बेरोजगार बैठे रहने से अकेलापन और तनाव बढ़ सकता है। इसके मुकाबले ऑफिस जाना युवाओं को एक रूटीन देता है। वे दूसरे लोगों के बीच रहते हैं, नौकरी के आवेदन कर सकते हैं, ऑनलाइन काम कर सकते हैं, फ्रीलांसिंग या स्टार्टअप पर ध्यान दे सकते हैं। यानी नकली ऑफिस असल में ‘नौकरी’ नहीं बेच रहे, बल्कि काम करने की जगह और सामाजिक माहौल उपलब्ध करा रहे हैं।

मजबूरी के साथ छिपा विरोध

इस ट्रेंड का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि इसे केवल बेरोजगार युवाओं की मजबूरी मानना अधूरा विश्लेषण होगा। इसके पीछे एक तरह का शांत विरोध भी दिखाई देता है। युवाओं पर लगातार उत्पादक बने रहने, सफल करियर बनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने का दबाव है। लेकिन जब रोजगार बाजार ही पर्याप्त अवसर नहीं देता, तो उनके सामने विरोधाभास पैदा होता है। ऐसे में नकली ऑफिस एक तरह से उस सिस्टम का आईना बन जाते हैं, जहां युवा काम करने को तैयार हैं, लेकिन काम उपलब्ध नहीं है। वे ऑफिस का अनुशासन चाहते हैं, अपनी उपयोगिता महसूस करना चाहते हैं और खुद को समाज से अलग नहीं करना चाहते।

चीन के रोजगार मॉडल पर बड़ा सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि युवा नौकरी तलाशने के बजाय नौकरी का माहौल खरीदने को मजबूर हो रहे हैं, तो समस्या युवाओं की इच्छा में नहीं, बल्कि रोजगार बाजार की क्षमता में है। यह ट्रेंड बताता है कि चीन के Gen-Z में काम करने की इच्छा खत्म नहीं हुई है; बल्कि वे अवसरों की कमी से जूझ रहे हैं। इसलिए ‘प्रीटेंड टू वर्क’ ऑफिस को केवल अजीब या हास्यास्पद घटना मानना सही नहीं होगा। यह बेरोजगारी, अकेलेपन, मानसिक दबाव और बदलती युवा आकांक्षाओं का संगम है। कुछ युवाओं के लिए यह अस्थायी सहारा हो सकता है, लेकिन लंबे समय का समाधान तभी निकलेगा जब अर्थव्यवस्था पर्याप्त गुणवत्तापूर्ण नौकरियां पैदा करे।
असल संदेश यही है—चीन का Gen-Z काम से भाग नहीं रहा, बल्कि काम मिलने तक काम जैसा जीवन बचाए रखने की कोशिश कर रहा है। और यही बात इस पूरे ट्रेंड को एक सोशल मीडिया सनक से कहीं बड़ा आर्थिक और सामाजिक संकेत बनाती है।

Tags: #Unemployed Gen Z #paying money in exchange for jobs #charade born of desperation or a whim Find out the reason
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

चार महीने में बदले सियासी तेवर: मोदी सरकार पर शायरी से वार करने वाली सायोनी घोष अब बनेंगी सरकार की आवाज़

Saayoni Ghosh

चार महीने में बदले सियासी तेवर: मोदी सरकार पर शायरी से वार करने वाली सायोनी घोष अब बनेंगी सरकार की आवाज़

मुख्य समाचार
Drone Technology: चीन में हर काम कर रहे हैं ड्रोन! देखकर रह जाएंगे हैरान

Drone Technology: चीन में हर काम कर रहे हैं ड्रोन! देखकर रह जाएंगे हैरान

मुख्य समाचार
क्यों लगातार फेल हो रही टीम इंडिया? मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर उठाए बड़े सवाल

क्यों लगातार फेल हो रही टीम इंडिया? मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर उठाए बड़े सवाल

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version