घरेलू शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र भी बिकवाली का दबाव बना रहा। गुरुवार को वैश्विक स्तर पर बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते कई सेक्टरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
सेंसेक्स 364 अंक और निफ्टी 127 अंक फिसला, चौथे दिन भी जारी रही बिकवाली
बीएसई सेंसेक्स गुरुवार को 364 अंक (0.47%) गिरकर 76,391.39 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 127 अंक (0.53%) टूटकर 23,869.60 के स्तर पर पहुंच गया। लगातार चार दिनों की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में कमजोर धारणा के चलते अधिकांश प्रमुख शेयर दबाव में रहे और कारोबार के दौरान बिकवाली हावी रही।
24 हजार अब रेजिस्टेंस बना, नीचे 23,800 का स्तर बाजार के लिए अहम
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर अब सपोर्ट नहीं बल्कि मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है। इसके ऊपर 24,200 का स्तर अगली बड़ी बाधा माना जा रहा है। वहीं नीचे की ओर 23,800 तत्काल सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। यदि निफ्टी इस स्तर से भी नीचे फिसलता है तो बिकवाली और तेज हो सकती है तथा सूचकांक 23,700 और फिर 23,500 तक पहुंच सकता है। ऐसे में अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
रियल्टी, बैंकिंग और ऑयल शेयरों में दबाव, ऑटो सेक्टर ने दिखाई मजबूती
गुरुवार के कारोबार में सबसे ज्यादा कमजोरी निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में रही, जिसमें 1.81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत और निफ्टी बैंक 0.94 प्रतिशत कमजोर बंद हुआ। केमिकल तथा ऑयल एंड गैस कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। हालांकि ऑटो सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए निफ्टी ऑटो इंडेक्स को 0.70 प्रतिशत की बढ़त दिलाई। मीडिया सेक्टर भी सकारात्मक रुख के साथ बंद हुआ।
बाजाज फाइनेंस, रिलायंस और इंडिगो में बिकवाली, टीसीएस और महिंद्रा बने सहारा
सेंसेक्स और निफ्टी की प्रमुख कंपनियों में बजाज फाइनेंस, इंडिगो, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, नेस्ले इंडिया और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में सबसे अधिक कमजोरी दर्ज की गई। दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), एटरनल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी।





