बिहार के बेगूसराय में बारिश आफत बनकर बरस रही है। शनिवार की शाम जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के दो गांवों में वज्रपात की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। पहली घटना गाड़ा फसीयारी टोला की है। जहां वार्ड नंबर-4 निवासी 32 वर्षीय कृष्ण मुरारी पासवान की मौत हो गई। वह घर के पास लघुशंका के लिए निकले थे, तभी वज्रपात की चपेट में आकर झुलस गए।
दूसरी घटना तेलन गांव, जोकिया पंचायत की है। जहां 16 वर्षीय सरस्वती कुमारी, जो हाल ही में मैट्रिक पास कर चुकी थीं, खेत में गई थीं और वहीं उनकी मौके पर मौत हो गई। दोनों ही घटनाओं के बाद गांवों में मातम छा गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर बेगूसराय सदर अस्पताल भेजा। अंचल प्रशासन को सूचित किया गया है और मुआवजा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई। प्रशासन से मांग है कि प्रभावित परिवारों को शीघ्र आपदा राहत राशि दी जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में वज्रपात से सुरक्षा हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाए। बिहार के बेगूसराय में वज्रपात से दो लोगों की दर्दनाक मौत, और इसके बाद के हालात एक बार फिर से राज्य में मौसम जनित आपदाओं की गंभीरता की ओर इशारा करते हैं। यह घटना न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए बल्कि पूरे प्रशासन के लिए एक सतर्कता की घड़ी है। घटना शनिवार शाम को हुई है।
बता दें कृष्ण मुरारी पासवान (32 वर्ष) वार्ड-4, गाड़ा गांव – लघुशंका के लिए घर से बाहर निकले थे। वहीं सरस्वती कुमारी (16 वर्ष), वार्ड-8, तेलन गांव – खेत में गई थीं। दोनों आसमानी बिजली की चपेट में आ गए। सरस्वती ने हाल ही में मैट्रिक पास की थी। दोनों घटनाएं घर के समीप की थीं, यानी सामान्य जीवनचर्या में रहने वाले लोग भी इस जोखिम की चपेट में आ सकते हैं।
तेज आवाज के साथ वज्रपात हुआ और मौके पर ही मौतें हो गईं — इसका मतलब यह है कि बिजली सीधा शरीर पर गिरी, न कि आसपास। पुलिस और अंचल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई जारी है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अस्पताल पहुंचने और हालात का जायजा लिया। पीड़ित परिवार से मिले और ढांढस बंधाया। केन्द्रीय मंत्री का इस तरह अस्पताल पहुंचना मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कृष्ण मुरारी पासवान और सरस्वती कुमारी की मौत समाज के लिए गहरी क्षति है। खासकर सरस्वती जैसी होनहार छात्रा का इस तरह जाना बेहद दुखद और चिंताजनक है।
वज्रपात से जुड़े खतरों और समाधान
वज्रपात के दौरान खतरे
खुले में रहना, खासकर खेतों, मैदानों, और पेड़ों के नीचे।
मोबाइल या धातु की वस्तुएं पास होना
पानी के पास खड़े रहना
बचाव के उपाय
मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान दें
बारिश और गरज-चमक शुरू होते ही घर या मजबूत निर्माण वाली इमारतों में चले जाएं।
खेत, पेड़, बिजली के खंभे, पानी के स्रोत आदि से दूर रहें
यदि खुले में फंस जाएं तो दोनों पैर मिलाकर नीचे बैठें, लेटें नहीं
प्रशासन ने की मदद
सहायता राशि का तत्काल भुगतान किया गया। आपदा राहत मुआवजा: ₹4 लाख का प्रावधान है। इसके साथ ही गांव-गांव में वज्रपात सुरक्षा जागरूकता को लेकर जानकारी दी। लाइटनिंग डिटेक्टर उपकरणों की व्यवस्था ब्लॉक और पंचायत स्तर पर स्कूलों में सुरक्षा शिक्षा को शामिल किया जाना चाहिए। प्रकाश कुमार पांडेय





