भारतीय खिलाड़ियों का दल 1900 में पेरिस में हुए ओलंपिक से इस खेल महाकुंभ में भाग लेता आ रहा है। आजादी के बाद से अब तक भारत 16 ओलंपिक गेम्स में हिस्सा ले चुका है लेकिन अब भी ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ी पदक तालिका में दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सके हैं।
पेरिस ओलंपिक में भारत के ये हैं पदकवीर
- नीरज चोपड़ा को सिल्वर मेडल, एथलेटिक्स
- भारतीय हॉकी टीम को ब्रॉन्ज मेडल
- मनु भाकर को ब्रॉन्ज मेडल, शूटिंग
- मनु भाकर और सरबजोत सिंह को ब्रॉन्ज मेडल, शूटिंग
- स्वप्निल कुसाले को ब्रॉन्ज मेडल, शूटिंग
- अमन सहरावत को ब्रॉन्ज मेडल, रेसलिंग
पिछली बार 2020 के टोक्यो ओलंपिक में भारत ने 1 स्वर्ण सहित सात पदक जीतकर इस खेल महाकुंभ का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, लेकिन इस बार भारतीय दल के किसी भी खिलाड़ी के हाथ स्वर्ण पदक तक नहीं पहुंच सके, बगैर स्वर्ण पदक के भारत को सिर्फ छह पदक ही मिले हैं।
470 करोड़ में 6 मेडल
पेरिस ओलंपिक 2024 की तैयारियों पर भारत ने करीब 470 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जिन खिलाड़ियों ने ओलंपिक में मेडल हासिल किया है उन पर 50 करोड़ 52 लाख रुपये खर्च किये गये, यानी 420 करोड़ रुपये जिन खिलाड़ियों पर खर्च हुए वे पेरिस ओलंपिक से खाली हाथ भारत लौटे हैं। बता दें 2020 के टोक्यो ओलंपिक से पहले तीन साल में 765 करोड़ रुपये खिलाड़ियों पर खर्च किए गए थे।
- एथलेटिक्स पर 96.08 करोड़ रुपये
- टेबल टेनिस 12.82 करोड़ रुपये
- बैडमिंटन पर 72.10 करोड़
- जूडो पर 6.33 करोड़
- मुक्केबाजी पर 60.93 करोड़
- रोइंग पर 3.89 करोड़
- निशानेबाजी पर 60.42 करोड़
- सेलिंग पर 3.78 करोड़
- हॉकी पर 41.81 करोड़
- तैराकी पर 3.90 करोड़
- तीरंदाजी 39.18 करोड़
- टेनिस 1.67 करोड़
- कुश्ती पर 37.80 करोड़
- गोल्फ पर 1.74 करोड़
- भारोत्तोलन पर 27 करोड़
- घुड़सवारी पर 95.42 लाख
इस बार नीरज चौपड़ा पर सर्वाधिक 5.72 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। नीरज ने निराश नहीं किया वे सिल्वर मेडल जीतकर आए हैं। वहीं शूटर मनु भाकर पर तैयारियों के नाम पर 1.68 करोड़ खर्च हुए, मनु ने भी निराश नहीं किया वे दो मेडल जीतीं। इस बार ओलंपिक की तैयारियों में सबसे अधिक एथलेटिक्स पर कुल 96.08 करोड़ खर्च हुए थे, जिन्हें एक सिल्वर मेडल मिला है।। शटलर्स पर 72 करोड़ रुपये खर्च किये गये लेकिन कोई मेडल नहीं मिला।
नीरज ने बचाई भारत की लाज
इस बार हम किसी भी इवेंट में स्वर्ण पदक नहीं जीत पाए। महज नीरज चोपड़ा ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने रजत पदक जीतकर ओलंपिक में भारत की कुछ लाज रख ली। वैसे भारत दुनिया की पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था वाला देश है। सबसे अधिक जनसंख्या और विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था वाला देश होने का दंभ भरने वाले भारतीय हुक्मरानों को अब सोचना होगा कि ऐसा क्या है कि पदक तालिका में हम 69वें नंबर पर ही मौजूद हैं। जबकि पड़ोसी पाकिस्तान ने एक स्वर्ण जीतकर 53वां नंबर हासिल किया है।
एक सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज के साथ 6 मेडल
पेरिस ओलंपिक का रविवार को समापन हो गया। इस बार भारत के खिलाड़ियों को 1 सिल्वर, 5 ब्रॉन्ज के साथ केवल 6 मेडल से ही संतोष करना पड़ा है। जबकि पिछले ओलिंपिक में 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल भारत की झोली में आए थे। हालांकि पदकों की संख्या पिछली बार से एक कम भले ही रह गई लेकिन शूटिंग, सेलिंग, बैडमिंटन और एथलेटिक्स समेत 11 खेलों में भारतीय दल ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। 6 मेडल में से 3 यानी 50 प्रतिशत पहली बार ओलिंपिक खेल रहे खिलाड़ियों ने भारत के लिए हासिल किए हैं। 117 सदस्यीय भारतीय दल में 72 यानी 61 प्रतिशत खिलाड़ियों का यह पहला ओलिंपिक था।





