भारत का टेलीकॉम सेक्टर एक बार फिर तकनीकी बदलाव के बड़े दौर में प्रवेश करने जा रहा है। देश में 5G सेवाओं के विस्तार के बाद अब दूरसंचार कंपनियां अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी तकनीक 5.5G को लॉन्च करने की तैयारी में जुट गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में चुनिंदा शहरों और क्षेत्रों में इसकी शुरुआत हो सकती है। यह नई तकनीक केवल तेज इंटरनेट तक सीमित नहीं होगी, बल्कि मोबाइल नेटवर्क के उपयोग का पूरा अनुभव बदल सकती है।
5G और 6G के बीच की तकनीकी कड़ी बनकर उभर रहा है 5.5G नेटवर्क
विशेषज्ञों के अनुसार 5.5G को 5G Advanced के नाम से भी जाना जाता है। इसे वर्तमान 5G और भविष्य में आने वाले 6G नेटवर्क के बीच का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। इसका उद्देश्य सिर्फ स्पीड बढ़ाना नहीं, बल्कि नेटवर्क की क्षमता, स्थिरता और दक्षता को नई ऊंचाई तक पहुंचाना है। इस तकनीक में स्मार्ट नेटवर्क मैनेजमेंट, उन्नत सॉफ्टवेयर और आधुनिक एंटीना सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे यूजर्स को अधिक भरोसेमंद कनेक्टिविटी मिल सके।
इंटरनेट स्पीड में होगा बड़ा उछाल, डाउनलोड और अपलोड दोनों होंगे सुपरफास्ट
5.5G की सबसे बड़ी खासियत इसकी हाई-स्पीड क्षमता मानी जा रही है। जहां मौजूदा 5G नेटवर्क लगभग 1 Gbps तक की डाउनलोड स्पीड उपलब्ध करा सकता है, वहीं नई तकनीक में डाउनलोड स्पीड 10 Gbps तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही अपलोड स्पीड भी 1 Gbps तक पहुंच सकती है। इसका फायदा हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड गेमिंग, वर्चुअल रियलिटी और बड़े डेटा ट्रांसफर करने वाले यूजर्स को सबसे ज्यादा मिलेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से नेटवर्क खुद समझेगा आपकी जरूरत
नई पीढ़ी के इस नेटवर्क में AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। नेटवर्क यह पहचान सकेगा कि किस यूजर को किस समय कितनी स्पीड या डेटा क्षमता की आवश्यकता है। इससे नेटवर्क ट्रैफिक को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा। इसके अलावा 5.5G तकनीक Passive IoT को भी सपोर्ट करेगी, जिससे कम ऊर्जा खपत वाले सेंसर और स्मार्ट डिवाइस बिना ज्यादा संसाधनों के नेटवर्क से जुड़े रह सकेंगे। यह स्मार्ट सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में अहम भूमिका निभा सकता है।
हर 5G फोन नहीं करेगा सपोर्ट, नए प्रोसेसर वाले स्मार्टफोन को मिलेगा फायदा
हालांकि 5.5G का लाभ हर 5G स्मार्टफोन को नहीं मिलेगा। इसके लिए डिवाइस में अधिक शक्तिशाली और आधुनिक चिपसेट होना जरूरी माना जा रहा है। टेक विशेषज्ञों का अनुमान है कि Qualcomm Snapdragon 8 Gen 3 और उससे ऊपर के प्रोसेसर या MediaTek Dimensity 9300, 9400 और उससे नए प्लेटफॉर्म वाले स्मार्टफोन इस तकनीक को सपोर्ट कर सकते हैं। पुराने 5G स्मार्टफोन में हार्डवेयर सीमाओं के कारण इस तकनीक का पूरा लाभ मिलना मुश्किल हो सकता है।
सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए मिल सकती है सुविधा, नेटवर्क सेटिंग पर रखें नजर
यदि आपका स्मार्टफोन 5.5G के लिए सक्षम है, तो अधिकांश मामलों में अलग से कोई विशेष सेटिंग सक्रिय करने की आवश्यकता नहीं होगी। स्मार्टफोन कंपनियां सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध करा सकती हैं। यूजर्स को केवल यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके फोन में Preferred Network Type के रूप में 5G Auto या समान विकल्प सक्रिय हो। जैसे ही उनके क्षेत्र में 5.5G नेटवर्क उपलब्ध होगा, डिवाइस स्वतः नए नेटवर्क से कनेक्ट हो सकेगा।





