Thursday, July 2, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मुख्य समाचार

वेदों के 15 नियम’ से हर बीमारी होगी खत्म? वायरल दावों की पड़ताल, क्या कहता है विज्ञान और आयुर्वेद

DigitalDesk by DigitalDesk
July 2, 2026
in मुख्य समाचार, स्पेशल
0
Science and Ayurveda
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

Related posts

Grand Hindu temples famous worldwide

विदेशों में बसे आस्था के धाम: दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं ये भव्य हिंदू मंदिर

July 2, 2026
Fuel crisis in Russia

यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस में ईंधन संकट! अब भारत से पेट्रोल खरीदने की तैयारी? 

July 2, 2026

वेदों के 15 नियम’ से हर बीमारी होगी खत्म? वायरल दावों की पड़ताल, क्या कहता है विज्ञान और आयुर्वेद

  • सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे ‘स्वस्थ जीवन के 15 नियम’
  • क्या इन नियमों से BP, डायबिटीज और अन्य बीमारियां सचमुच खत्म हो सकती हैं?
  • आयुर्वेद की मान्यताओं और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में कितना मेल?
  • विशेषज्ञों की सलाह- वायरल दावों पर आंख बंद कर भरोसा न करें
  • जानिए कौन-सी बातें उपयोगी हैं और किन दावों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं 
भोपाल। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि “वेदों के अनुसार स्वस्थ रहने के 15 नियम” अपनाने से व्यक्ति को डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और 3 से 12 महीने में BP, डायबिटीज सहित सभी बीमारियां खत्म हो जाएंगी।

यह दावा लाखों लोगों तक पहुंच चुका है, लेकिन क्या वास्तव में ऐसा संभव है? क्या ये नियम सीधे वेदों में लिखे हैं? क्या आधुनिक विज्ञान भी इन दावों की पुष्टि करता है? हमारी एक्सक्लूसिव पड़ताल में सामने आए कई महत्वपूर्ण तथ्य।

सबसे पहले जानिए वायरल दावा क्या कहता है?

वायरल संदेश में 15 नियम बताए गए हैं। इनमें भोजन के बाद पानी पीने, धीरे-धीरे पानी पीने, फ्रिज का पानी न पीने, सुबह खाली पेट पानी पीने, भोजन को खूब चबाने, जमीन पर बैठकर भोजन करने, सेंधा नमक, गुड़, पारंपरिक तेल, धातु के बर्तन और सूर्यास्त से पहले भोजन जैसी सलाह दी गई है। अंत में दावा किया गया है कि इन नियमों को अपनाने से व्यक्ति को डॉक्टर की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी बीमारियां समाप्त हो जाएंगी।

क्या ये नियम वास्तव में वेदों में लिखे हैं?

यहीं से सबसे बड़ा सवाल शुरू होता है। अब तक उपलब्ध वैदिक साहित्य में इन सभी 15 नियमों का एक साथ इस रूप में उल्लेख नहीं मिलता। इनमें से कई बातें—

  • आयुर्वेद,
  • योग,
  • प्राकृतिक चिकित्सा,
  • लोक परंपराओं,
  • और जीवनशैली संबंधी सलाहों

से जुड़ी मानी जाती हैं, लेकिन इन्हें सीधे “वेदों के 15 नियम” कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं माना जा सकता।

दावा 1 : खाना खाने के डेढ़ घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए

क्या कहता है विज्ञान?

आधुनिक चिकित्सा के अनुसार भोजन के साथ या भोजन के तुरंत बाद सीमित मात्रा में पानी पीना नुकसानदायक नहीं माना जाता। भोजन के बाद पानी पीने का समय व्यक्ति की जरूरत, स्वास्थ्य और भोजन के प्रकार पर निर्भर करता है। इसलिए “डेढ़ घंटे तक बिल्कुल पानी न पीना” कोई सार्वभौमिक चिकित्सीय नियम नहीं है।

दावा 2 : हर घूंट में लार मिलनी चाहिए

यह बात काफी हद तक सही मानी जाती है। भोजन को अच्छी तरह चबाने और धीरे-धीरे पानी पीने से पाचन प्रक्रिया बेहतर हो सकती है क्योंकि लार में पाचन संबंधी एंजाइम मौजूद होते हैं। हालांकि इससे यह दावा नहीं किया जा सकता कि कोई भी रोग नहीं होगा।

दावा 3 : फ्रिज का पानी कभी नहीं पीना चाहिए

अत्यधिक ठंडा पानी कुछ लोगों में गले या पाचन संबंधी असुविधा पैदा कर सकता है। लेकिन सामान्य स्वस्थ व्यक्ति के लिए सीमित मात्रा में ठंडा पानी पीना किसी बड़े रोग का कारण सिद्ध नहीं हुआ है।

दावा 4 : सुबह बिना कुल्ला किए दो गिलास पानी

इसे कई लोग “उषापान” से जोड़ते हैं। हालांकि आधुनिक दंत चिकित्सकों का मानना है कि रातभर मुंह में बैक्टीरिया भी  जमा होते हैं। इसलिए बिना कुल्ला किए पानी पीने के लाभ के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

दावा 5 : भोजन को खूब चबाना

यह सलाह वैज्ञानिक रूप से काफी हद तक सही मानी जाती है।

अच्छी तरह चबाकर खाने से—

  • पाचन बेहतर होता है।
  • जल्दी पेट भरने का एहसास होता है।
  • मोटापा नियंत्रित करने में मिल सकती है मदद

दावा 6 : जमीन पर बैठकर भोजन करना

पालथी लगाकर बैठकर भोजन करना योग की दृष्टि से लाभकारी माना जाता है।

इससे शरीर की मुद्रा बेहतर रहती है।

हालांकि कुर्सी पर बैठकर संतुलित भोजन करना भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक नहीं माना जाता।


दावा 7 : विरोधी भोजन नहीं करना

आयुर्वेद में “विरुद्ध आहार” की अवधारणा मिलती है।

लेकिन दूध और प्याज, दूध और दही जैसे सभी संयोजनों पर आधुनिक विज्ञान की राय अलग-अलग है।

हर व्यक्ति की पाचन क्षमता भी अलग होती है।


दावा 8 : केवल सेंधा नमक या काला नमक ही खाएं

सेंधा नमक और साधारण आयोडीन युक्त नमक दोनों में सोडियम होता है।

भारत में आयोडीन की कमी रोकने के लिए आयोडीन युक्त नमक की सलाह दी जाती है।

केवल सेंधा नमक खाना सभी लोगों के लिए आवश्यक नहीं माना जाता।


दावा 9 : रिफाइंड तेल जहर है

यह दावा भ्रामक है।

किसी भी तेल का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है।


दावा 10 : दोपहर में आराम, रात में टहलना

भोजन के बाद हल्की वॉक और पर्याप्त आराम को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

हालांकि हर व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार इसकी अवधि अलग हो सकती है।


दावा 11 : चीनी पूरी तरह बंद कर दें

अत्यधिक चीनी का सेवन निश्चित रूप से नुकसानदायक है।

लेकिन यह कहना कि सफेद चीनी बनने में “17 तरह के जहर” मिलाए जाते हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित दावा नहीं है।

इसी तरह हर सफेद गुड़ को जहरीला कहना भी सही नहीं होगा।


दावा 12 : सिर पूर्व या दक्षिण दिशा में रखें

यह मान्यता वास्तु और पारंपरिक मान्यताओं से जुड़ी है।

आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में इसे लेकर कोई निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।


दावा 13 : एल्यूमीनियम के बर्तन बिल्कुल न रखें

एल्यूमीनियम के अत्यधिक उपयोग पर समय-समय पर अध्ययन हुए हैं।

लेकिन सामान्य घरेलू उपयोग में स्वीकृत गुणवत्ता वाले बर्तनों को लेकर ऐसा कोई सार्वभौमिक प्रतिबंध नहीं है।


दावा 14 : सूर्यास्त से पहले भोजन

कई शोध बताते हैं कि देर रात भारी भोजन करने से बचना स्वास्थ्य के लिए अच्छा हो सकता है।

लेकिन सभी लोगों के लिए सूर्यास्त तक ही भोजन करना आवश्यक नहीं माना गया है।


दावा 15 : सुबह छाछ पीना

छाछ एक अच्छा प्रोबायोटिक पेय हो सकता है।

यह पाचन में मदद कर सकती है।

लेकिन हर व्यक्ति के लिए यह उपयुक्त हो, ऐसा जरूरी नहीं।


सबसे बड़ा दावा- क्या 3 से 12 महीने में BP और डायबिटीज खत्म हो जाएगी?

यही वह दावा है जिस पर सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

इस दावे का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

  • हाई ब्लड प्रेशर
  • डायबिटीज
  • हृदय रोग
  • थायरॉयड
  • किडनी रोग

जैसी बीमारियां केवल घरेलू नियम अपनाने से समाप्त हो जाएंगी, ऐसा कहना भ्रामक हो सकता है।

इन रोगों का इलाज योग्य चिकित्सक की सलाह, दवाओं, संतुलित भोजन, व्यायाम और नियमित जांच से ही किया जाना चाहिए।


विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि—

  • संतुलित भोजन करें।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • नियमित व्यायाम करें।
  • अच्छी नींद लें।
  • धूम्रपान और शराब से बचें।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।

लेकिन किसी भी वायरल पोस्ट को इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। वायरल पोस्ट में बताई गई कई बातें स्वस्थ जीवनशैली के सामान्य सिद्धांतों से मेल खाती हैं और कुछ सलाह उपयोगी भी हो सकती हैं। लेकिन इन्हें “वेदों के 15 प्रमाणित नियम” कहना और यह दावा करना कि इनसे डॉक्टर की जरूरत नहीं पड़ेगी या BP, शुगर जैसी बीमारियां निश्चित रूप से खत्म हो जाएंगी, उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सही नहीं माना जा सकता। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट दावा कर रही है कि वेदों के 15 नियम अपनाकर आप डॉक्टर से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं और BP-शुगर जैसी बीमारियां भी खत्म हो जाएंगी।

Post Views: 14
Tags: #Science and Ayurveda
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

Ram Temple donation theft 3 दिन के अंदर अयोध्या छोड़े चपंत राय अयोध्या बार एसोसिएशन

Ram Temple donation theft 3 दिन के अंदर अयोध्या छोड़े चपंत राय अयोध्या बार एसोसिएशन

Ram Temple donation theft 3 दिन के अंदर अयोध्या छोड़े चपंत राय अयोध्या बार एसोसिएशन

उत्तर प्रदेश
TMC में भगदड़! तीसरे राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें

TMC में भगदड़! तीसरे राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें

मुख्य समाचार
सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

सिद्धारमैया की कुर्सी पर सस्पेंस, DK शिवकुमार की ब्रेकफास्ट मीटिंग से बढ़ी हलचल

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version