यूपी के बुजुर्गों के लिए योगी सरकार का बड़ा प्लान 75 वृद्धाश्रमों में हर हफ्ते स्वास्थ्य जांच

Yogi government

उत्तर प्रदेश में वृद्धजनों की देखभाल को लेकर सरकार ने प्रदेश के सभी 75 वृद्धाश्रमों पर फोकस बढ़ाया है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित इन वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को सिर्फ आश्रय ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर दैनिक जीवन की सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है।

75 वृद्धाश्रमों में हर हफ्ते स्वास्थ्य जांच

बीपी, शुगर से लेकर आंखों की जांच

पेंशन और आयुष्मान से सामाजिक सुरक्षा

योग-ध्यान से बेहतर होगी दिनचर्या

6607 बुजुर्गों के लिए सुविधाओं का विस्तार

सरकार की ओर से सभी 75 वृद्धाश्रमों में नियमित साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन शिविरों में चिकित्सकों की टीम आश्रम पहुंचकर बुजुर्गों का बीपी, शुगर, नेत्र और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। जरूरत के मुताबिक दवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे बुजुर्गों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और समय पर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास है।

योजना का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू बुजुर्गों के दैनिक जीवन से जुड़ी सुविधाएं हैं। वृद्धाश्रमों में स्वच्छ पेयजल के साथ टीवी और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा योग और ध्यान के सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बुजुर्गों को सक्रिय और सकारात्मक दिनचर्या से जोड़ा जा सके।

सिर्फ स्वास्थ्य और आश्रय तक सीमित न रहते हुए आर्थिक सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विभाग के मुताबिक प्रदेश के 75 वृद्धाश्रमों में फिलहाल 6,607 बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें 4,901 पात्र वृद्धजनों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है, जबकि 2,551 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में 1,073 नए बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़े जाने की जानकारी दी गई है। यानी सरकार का फोकस वृद्धाश्रम को केवल रहने की जगह के बजाय स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और दैनिक सुविधाओं से जोड़ने की व्यवस्था विकसित करने पर है।

अब असली चुनौती इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और सभी पात्र बुजुर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की होगी। अगर स्वास्थ्य जांच, दवा, पेंशन, आयुष्मान और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था लगातार प्रभावी ढंग से चलती है, तो वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल साबित हो सकती है।

Exit mobile version