दूध से बदली तकदीर: सोनभद्र की विनीता बनीं ‘लखपति दीदी’…योगी आदित्यनाथ सरकार की इस योजना का मिला लाभ

milk production Lakhpati Didi

दूध से बदली तकदीर: सोनभद्र की विनीता बनीं ‘लखपति दीदी’

लखनऊ सोनभद्र उत्तर प्रदेश के सोनभद्र की विनीता आज ग्रामीण महिला सशक्तीकरण की मिसाल बन चुकी हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार की योजनाओं के सहारे उन्होंने दुग्ध उत्पादन के जरिए महज दो साल में 67 लाख रुपये की कमाई कर ‘लखपति दीदी’ का दर्जा हासिल किया।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

स्नातक शिक्षित विनीता 14 सदस्यीय परिवार की जिम्मेदारी निभाते हुए सीमित संसाधनों में जीवन गुजार रही थीं। पति के साथ 10–12 पशुओं का पालन करने के बावजूद निजी डेयरियों के कारण उन्हें उचित मूल्य और समय पर भुगतान नहीं मिल पाता था, जिससे उनकी मेहनत का पूरा फल नहीं मिल रहा था।

काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी बना टर्निंग पॉइंट

विनीता की जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया, जब वह काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़ीं। यहां उन्हें दूध का उचित मूल्य, समय पर भुगतान और वैज्ञानिक पशुपालन का प्रशिक्षण मिला। यही मंच उनकी सफलता की नींव साबित हुआ।

10 से 40 पशु तक का सफर

प्रशिक्षण और बेहतर आमदनी के दम पर विनीता ने अपने पशुओं की संख्या 10–12 से बढ़ाकर 40 से अधिक कर ली। आज वह एक सफल डेयरी उद्यमी हैं, जो नियमित आय के साथ अपने परिवार का बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर रही हैं।

‘लखपति दीदी’ बनी प्रेरणा

विनीता अब ‘लखपति दीदी’ के रूप में जानी जाती हैं। उनकी सफलता ने न केवल उन्हें आर्थिक मजबूती दी, बल्कि समाज में सम्मान और पहचान भी दिलाई। अब वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध करा पा रही हैं।

पूर्वांचल में बदलाव की नई लहर

काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के जरिए पूर्वांचल के 7 जिलों में 46 हजार से अधिक महिलाएं रोजगार से जुड़ चुकी हैं। यह मॉडल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत उदाहरण बन रहा है। विनीता की कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि अपने क्षेत्र में बदलाव की अगुवाई भी कर सकती हैं।

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