जब मोदी गुजरात के सीएम थे, तब सूरत पर परमाणु बम गिराना चाहता था यासीन भटकल

Yasin Bhatkal

इंडियन मुजाहिदीन के सह संस्थापक यासीन भटकल ने साल 2012 में गुजरात के सूरत शहर पर परमाणु बम से हमला करने की साजिश रची थी। उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी नरेन्द्र मोदी संभाल रहे थे। ऐसे में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के मामले में एनआईए दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आतंकवादी संगठन के मुखिया यासीन भटक और 11 लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं। 2012 में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रची थी। इस मामले में एनआईए दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आरोप तय करने का आदेश दिया है।

बता दें एनआईए की विशेष अदालत ने रेखांकित किया कि यासीन भटकल की अन्य आरोपियों के साथ चैट यानी बातचीत से यह पता चलता है कि आईएम गुजरात के सूरत पर परमाणु बम से हमला करने की योजना बना रहा था। इतना ही नहीं इस परमाणु हमले में सूरत शहर में रहने वाले मुसलमान प्रभावित न हो, इसके लिए उन्हें शहर से निकालने की भी पुख्ता योजना आतंकी कार्रवाई को अंजाम देने से पहले बना ली थी। यानि परमाणु हमला होता तो सूरत के मुसलमान इस हमले की जद में नहीं आते। आतंकी यासीन ने शहर से मुसलमानों को निकालने की पूरी योजना बना ली थी। आरोप तय करते समय अदालत की ओर से कहा गया कि यासीन भटकल वह शख्स है जो भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए कई बार आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा। अदालत ने पाया कि भटकल से जब्त किए गए उपकरणों से निकाले गए डिजिटल डेटा में जिहाद के नाम पर गैर मुस्लिमों की हत्या को सही ठहराने वाले लेखन सहित जिहादी साहित्य के कई वीडियो क्लिप दिखाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि आरोपियों पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।

कौन है यासीन भटकल?

यासीन का जन्म और पालन पोषण कर्नाटक के भटकल नामक शहर में हुआ था। दिल्ली के बाटला हाउस में 2008 की मुठभेड़ के बाद रियाज और इकबाल भटकल के भाग जाने के बाद वह इंडियन मुजाहिदीन का ऑपरेशनल हेड बन गया। उसने बिहार और झारखंड में आईएम मॉड्यूल भी स्थापित किए। यासीन पर भारत में कई बम विस्फोटों में शामिल होने का आरोप है। जिसमें 2008 दिल्ली बम विस्फोट, 2006 मुंबई ट्रेन बम विस्फोट, 2008 अहमदाबाद बम विस्फोट और 2010 वाराणसी बम विस्फोट शामिल हैं।

बिहार में नेपाल सीमा से किया था गिरफ्तार

2013 में हुए हैदराबाद धमाकों के बाद यासीन को बिहार में भारत नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया था। 2016 में उसे मौत की सजा दी गई थी। वह इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। बता दें भटकल दशकों तक मछुआरों का एक अगोचर शहर रहा है। इसकी 70 प्रतिशत आबादी मुस्लिम होने के बावजूद, 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद हिंसा नहीं देखी। लेकिन यह शहर आरएसएस के व्यापक हिंदुत्व विस्तार मानचित्र में भी था। इसने 1993 में सांप्रदायिक दंगे देखे। जिसमें 19 लोगों की जान चली गई और अगले कई वर्षों में कई राजनीतिक हत्याएं हुईं।

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