पेइचिंग में 26 से 29 अक्टूबर तक आयोजित चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की 20वीं केंद्रीय
समिति का पाँचवाँ पूर्ण अधिवेशन महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर शी चिनफिंग ने पोलित ब्यूरो की
कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की और पार्टी के व्यापक एवं कठोर स्वशासन संबंधी प्रस्तावित निर्णय की
व्याख्या की।
शी चिनफिंग का संकल्प: भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की 26 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में मंत्री
स्तर या उससे ऊपर के 115 अधिकारियों के विरुद्ध जाँच शुरू हुई। जनता के हितों से जुड़े भ्रष्टाचार
और अनुशासनहीनता के मामलों में 6.27 लाख लोगों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई।
इसके अतिरिक्त सीमा-पार भ्रष्टाचार के 500 से अधिक मामलों की जाँच शुरू की गई। शी
चिनफिंग ने नवंबर 2012 में कहा था, “लोहे पर चोट करने के लिए स्वयं मजबूत होना आवश्यक
है।”
शिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने इस वर्ष भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष को अंत तक जारी रखने का
संकल्प दोहराया और स्पष्ट किया कि पद या वरिष्ठता के आधार पर किसी दोषी को रियायत नहीं
मिलनी चाहिए।
Reuters की 23 अक्टूबर की रिपोर्ट में टोनी ब्लेयर इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ नीति सलाहकार रूबी
उस्मान ने कहा कि अनुशासन पर बढ़ता जोर अधिकारियों के बिगड़ते व्यवहार के कारण नहीं,
बल्कि इसलिए है क्योंकि राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतियों का महत्व बढ़ गया है।
सत्ता नहीं, व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
Reuters के अनुसार, सम्मेलन से पहले पार्टी की प्रमुख पत्रिका ‘छ्यूशी’ में प्रकाशित लेख में शी
चिनफिंग ने तीन प्राथमिकताएँ रखीं केंद्रीय नेतृत्व के निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन, अधिकारियों
की शक्तियों को संस्थागत नियमों में बाँधना और भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान जारी रखना।
The Washington Post की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट में रूबी उस्मान ने इस अभियान को नेतृत्व के
विभिन्न कार्यकालों के दौरान नीतिगत निरंतरता बनाए रखने वाली अनुशासित व्यवस्था के
निर्माण से जोड़ा।
विश्व बैंक ने दर्ज की ऐतिहासिक उपलब्धि
चीन की विकास यात्रा की सबसे प्रभावशाली उपलब्धियों में गरीबी उन्मूलन शामिल है। विश्व बैंक
की अप्रैल 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, चार दशकों में चीन के लगभग 80 करोड़ लोग अत्यधिक
गरीबी से बाहर निकले। यह वैश्विक स्तर पर अत्यधिक गरीबी में आई कमी के लगभग तीन-चौथाई
हिस्से के बराबर था।
विश्व बैंक की तत्कालीन उपाध्यक्ष मैनुएला फेरो ने चीन की गरीबी घटाने की सफलता को निरंतर
आर्थिक परिवर्तन और विकास से जुड़ी उपलब्धि बताया। वहीं, चीन के विकास अनुसंधान केंद्र के
तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी मा जियानतांग ने कहा था कि गरीबी के विरुद्ध चीन के अभियान से
मानव इतिहास में सबसे अधिक लोगों को लाभ पहुँचा।
शी चिनफिंग के नेतृत्व में लक्षित गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों को प्राथमिकता मिली। चीन ने 2020
में अपने राष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार ग्रामीण अत्यधिक गरीबी समाप्त करने का लक्ष्य हासिल
करने की घोषणा की।
स्वच्छ ऊर्जा में चीन का वैश्विक नेतृत्व
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की 2025 की रिपोर्ट चीन की एक अन्य बड़ी उपलब्धि सामने लाती
है। एजेंसी के अनुसार, चीन ने 2024 में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 625 अरब डॉलर से अधिक निवेश
किया। यह 2015 की तुलना में लगभग दोगुना था। सबसे उल्लेखनीय तथ्य यह है कि चीन ने पवन
और सौर ऊर्जा क्षमता से संबंधित अपना 2030 का लक्ष्य 2024 में ही हासिल कर लिया निर्धारित
समय से छह वर्ष पहले।
इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी उत्पादन, सौर उपकरण और आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना में चीन की बढ़ती
क्षमता तकनीकी नवाचार तथा दीर्घकालिक औद्योगिक निवेश का परिणाम है। शी चिनफिंग के
नेतृत्व में तकनीकी आत्मनिर्भरता और हरित विकास को राष्ट्रीय रणनीति में प्रमुख स्थान मिला
है।
2035 के आधुनिक चीन की ओर
शिन्हुआ के अनुसार, शी चिनफिंग ने इस वर्ष वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि 2026–2030 की
15वीं पंचवर्षीय योजना के लक्ष्यों की सफलता के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास का नेतृत्व
करने की पार्टी की क्षमता मजबूत करना आवश्यक है। चीन का व्यापक लक्ष्य 2035 तक
आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल करना है।
चीन की विकास गाथा बताती है कि दीर्घकालिक योजनाएँ, वैज्ञानिक प्रगति और सामाजिक
कल्याण के प्रयास व्यापक राष्ट्रीय परिवर्तन ला सकते हैं। शी चिनफिंग के नेतृत्व में जारी पाँचवाँ
पूर्ण अधिवेशन अब इसी उपलब्धि को मजबूत प्रशासनिक संस्थाओं और भविष्य की विकास
प्राथमिकताओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक: नीरज बाली)





