विश्व पर्यटन दिवस 2026: चीन घूमने का प्लान अब हुआ आसान

हर साल 27 सितंबर को World Tourism Day यानी विश्व पर्यटन दिवस मनाया
जाता है। यह दिन दुनिया में पर्यटन की अहमियत को समझने और लोगों को
अलग-अलग देशों, संस्कृतियों और समाजों से जोड़ने में पर्यटन की भूमिका को
सामने लाने के लिए मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार World Tourism
Day हर साल 27 सितंबर को मनाया जाता है। पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक
सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार, स्थानीय कारोबार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान
और आर्थिक विकास का भी बड़ा माध्यम है। इसी मौके पर चीन की बदलती वीजा
नीति भी चर्चा में है। चीन ने पिछले कुछ समय में विदेशी यात्रियों के लिए प्रवेश के
नियमों में काफी राहत दी है। अगस्त 2026 तक चीन ने 50 देशों के नागरिकों के
लिए एकतरफा वीजा-फ्री एंट्री और 57 देशों के नागरिकों के लिए 240 घंटे यानी 10
दिन तक की ट्रांजिट वीजा-फ्री सुविधा लागू कर दी है।57 देशों वाली 240 घंटे की
व्यवस्था में अमेरिका भी शामिल है। चीन की नेशनल इमीग्रेशन एडमिस्‍ट्रेशन
(National Immigration Administration) की जानकारी के अनुसार किर्गिस्तान
और वियतनाम को जोड़ने के बाद 240 घंटे की ट्रांजिट सुविधा वाले देशों की संख्या
57 हो गई।इस बदलाव ने चीन की यात्रा को कई विदेशी पर्यटकों के लिए पहले से
आसान बनाया है। अब ऐसे यात्रियों के लिए भी चीन जाना संभव हो रहा है, जो
लंबी तैयारी के बजाय कम समय में यात्रा करना चाहते हैं।

27 सितंबर को क्यों मनाया जाता है World Tourism Day?
World Tourism Day की तारीख 27 सितंबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी
दिन पर्यटन से जुड़े वैश्विक महत्व को सामने लाने के लिए दुनिया भर में कार्यक्रम
आयोजित किए जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इस दिन का उद्देश्य
अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच पर्यटन के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
पर्यटन किसी देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ उसकी संस्कृति को दुनिया के
सामने लाने का माध्यम भी है। जब कोई विदेशी पर्यटक किसी देश की यात्रा
करता है तो वह सिर्फ वहां के मशहूर पर्यटन स्थल नहीं देखता, बल्कि स्थानीय
खाना, बाजार, रहन-सहन, परंपराएं और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी

करीब से जानता है। इसी वजह से पर्यटन को अलग-अलग देशों के लोगों के बीच
समझ बढ़ाने वाले माध्यम के रूप में भी देखा जाता है।UN Tourism ने भी पर्यटन
को शांति और आपसी समझ बढ़ाने से जोड़ा है।
चीन में 50 देशों के नागरिकों को वीजा-फ्री एंट्री
चीन की वीजा नीति में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक यूनिलेटरल वीजा फ्री
पॉलिसी (unilateral visa-free policy)है। इसका मतलब है कि चीन ने कुछ देशों
के नागरिकों को एकतरफा तरीके से बिना वीजा प्रवेश की सुविधा दी है।चीन की
नेशनल इमीग्रेशन एडमिस्‍ट्रेशन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार पात्र देशों
के सामान्य पासपोर्ट रखने वाले लोग निर्धारित शर्तों के तहत पर्यटन, बिजनेस,
रिश्तेदारों या दोस्तों से मिलने, एक्सचेंज और ट्रांजिट जैसे उद्देश्यों के लिए बिना
वीजा चीन में प्रवेश कर सकते हैं। कई मामलों में इस सुविधा के तहत 30 दिन तक
रहने की अनुमति है। अगस्त 2026 तक ऐसी एकतरफा वीजा-फ्री व्यवस्था 50
देशों तक पहुंच चुकी है हालांकि यहां यह समझना जरूरी है कि वीजा-फ्री सुविधा
का मतलब हर यात्री के लिए बिना किसी शर्त के चीन में प्रवेश नहीं है। पासपोर्ट,
यात्रा का उद्देश्य, ठहरने की अवधि और अन्य लागू नियमों को पूरा करना जरूरी
होता है।

240 घंटे यानी 10 दिन की ट्रांजिट सुविधा क्या है?
चीन ने विदेशी यात्रियों के लिए 240 hour visa-free transit policy भी लागू की
है। 240 घंटे का मतलब है अधिकतम 10 दिन।य ह सामान्य वीजा-फ्री पर्यटन
व्यवस्था से अलग है। इसके तहत किसी पात्र देश का यात्री चीन के रास्ते किसी
तीसरे देश या क्षेत्र की यात्रा कर रहा हो तो वह निर्धारित नियमों के तहत चीन में
बिना वीजा प्रवेश कर सकता है और तय क्षेत्रों में 10 दिन तक रह सकता है। चीन
की नेशनल इमीग्रेशन एडमिस्‍ट्रेशन के मुताबिक वर्तमान व्यवस्था में 57 देशों के
नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यात्रियों के पास वैध सामान्य
पासपोर्ट और किसी तीसरे देश या क्षेत्र के लिए निर्धारित तारीख और यात्रा
कार्यक्रम वाला कनेक्टिंग टिकट होना चाहिए। यह सुविधा 24 प्रांतों में 65 खुले

प्रवेश-बंदरगाहों के जरिए उपलब्ध है यानी कोई यात्री चीन को सिर्फ एयरपोर्ट
बदलने की जगह के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय इस ट्रांजिट अवधि में वहां के
शहरों और पर्यटन स्थलों को भी देख सकता है बशर्ते वह सभी नियमों के तहत
पात्र हो।

अमेरिका समेत 57 देशों को फायदा
240 घंटे की ट्रांजिट वीजा-फ्री व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें
अमेरिका भी शामिल है। आधिकारिक सूची में यूरोप, एशिया, अमेरिका और
ओशिनिया के कई देश शामिल हैं। मई 2026 में जारी आधिकारिक सूची में
अमेरिका, कनाडा, ब्राजील, मैक्सिको, अर्जेंटीना और चिली जैसे देशों को शामिल
किया गया था।बाद में किर्गिस्तान और वियतनाम के जुड़ने से संख्या 57 हो गई।
यह व्यवस्था उन यात्रियों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है जो किसी
दूसरे देश की यात्रा के दौरान चीन में कुछ दिन रुकना चाहते हैं। उदाहरण के लिए
यूरोप या एशिया की यात्रा के बीच चीन में कुछ दिन बिताने का विकल्प ऐसे
यात्रियों के लिए पहले की तुलना में आसान हो सकता है।

‘स्पॉन्टेनियस ट्रिप टू चाइना’ का मतलब क्या है?
वीजा किसी विदेशी यात्रा की योजना बनाने में बड़ा फैक्टर होता है। आवेदन,
दस्तावेज, अपॉइंटमेंट और मंजूरी का इंतजार कई बार यात्रा की योजना को लंबा
कर देता है।वीजा-फ्री सुविधा मिलने के बाद पात्र यात्रियों के लिए यह प्रक्रिया
काफी सरल हो सकती है। यही वजह है कि स्पॉन्टेनियस ट्रिप टू चाइना’ यानी
अचानक या कम तैयारी में चीन की यात्रा जैसी धारणा मजबूत हो रही है। मान
लीजिए कोई पर्यटक किसी दूसरे एशियाई देश की यात्रा पर गया है और उसके पास
कुछ अतिरिक्त दिन हैं। अगर वह 240 घंटे की ट्रांजिट व्यवस्था के लिए पात्र है
और उसके पास जरूरी ऑनवर्ड टिकट है तो वह चीन में कुछ दिन बिताने का
विकल्प चुन सकता है हालांकि इसे पूरी तरह जब मन किया तब चीन चले गए के
रूप में समझना सही नहीं होगा। 240 घंटे की व्यवस्था में तीसरे देश या क्षेत्र की
ओर आगे जाने का टिकट और अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करना जरूरी है।

अब सिर्फ बीजिंग-शंघाई तक सीमित नहीं रह सकती यात्रा
चीन की 240 घंटे वाली नीति का दायरा कई क्षेत्रों तक फैला है। आधिकारिक
जानकारी के अनुसार पात्र यात्री 24 प्रांतों में 65 खुले बंदरगाहों के जरिए प्रवेश कर
सकते हैं और निर्धारित क्षेत्रों में रह सकते हैं। इससे विदेशी पर्यटकों के लिए चीन
के अलग-अलग हिस्सों को देखने की संभावना बढ़ती है। चीन में ऐतिहासिक
शहरों, आधुनिक महानगरों, प्राकृतिक क्षेत्रों, पारंपरिक बाजारों और सांस्कृतिक
स्थलों की बड़ी विविधता है। ऐसे में अगर कोई पर्यटक सिर्फ राजधानी पेइचिंग या
शांगहाई तक सीमित रहने के बजाय किसी क्षेत्र की स्थानीय संस्कृति को देखना
चाहता है तो वीजा-फ्री ट्रांजिट व्यवस्था उसके लिए अतिरिक्त विकल्प खोल
सकती है।

पर्यटन बढ़ेगा तो स्थानीय कारोबार को भी फायदा
विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने का सीधा असर सिर्फ एयरलाइंस या बड़े होटल
कारोबार पर नहीं पड़ता। इससे स्थानीय रेस्तरां, टैक्सी और अन्य परिवहन
सेवाओं, गाइड, दुकानदारों, संग्रहालयों, मनोरंजन स्थलों और छोटे कारोबारों को
भी फायदा मिल सकता है। संयुक्त राष्ट्र पर्यटन के अनुसार, पर्यटन आर्थिक
विकास के साथ-साथ स्थानीय समुदायों और रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण
भूमिका निभा सकता है। World Tourism Day इसी व्यापक भूमिका को दुनिया
के सामने रखने का अवसर देता है। चीन की वीजा नीति में राहत को इसी नजरिए
से भी देखा जा सकता है। अगर विदेशी पर्यटकों के लिए चीन पहुंचना आसान
होता है तो वे ज्यादा स्वतंत्र तरीके से यात्रा की योजना बना सकते हैं और स्थानीय
सेवाओं पर खर्च कर सकते हैं।

चीन को करीब से समझने का मौका
किसी देश को समझने के लिए वहां की किताबें पढ़ना या वीडियो देखना एक
तरीका है, लेकिन वहां जाकर लोगों के बीच समय बिताना अलग अनुभव देता है।
चीन के लिए आसान वीजा व्यवस्था विदेशी यात्रियों को स्थानीय जीवन के करीब
जाने का मौका दे सकती है। पर्यटक स्थानीय बाजारों में खरीदारी कर सकते हैं।

पारंपरिक भोजन का स्वाद ले सकते हैं। ऐतिहासिक स्थलों को देख सकते हैं और
अलग-अलग शहरों की जीवनशैली को समझ सकते हैं। यही वजह है कि पर्यटन
को केवल आर्थिक गतिविधि के तौर पर देखना अधूरा होगा। यह लोगों के बीच
सीधे संपर्क का माध्यम भी है।

2026 में चीन की वीजा नीति क्यों चर्चा में है?
चीन की मौजूदा नीति को देखें तो दो चीजें खास तौर पर सामने आती हैं-कुछ देशों
के नागरिकों के लिए सीधे वीजा-फ्री प्रवेश और 57 देशों के नागरिकों के लिए 240
घंटे की ट्रांजिट वीजा-फ्री सुविधा।240 घंटे वाली व्यवस्था को चीन ने दिसंबर
2024 में पहले की 72 और 144 घंटे की व्यवस्थाओं से बढ़ाकर 240 घंटे किया था।
इसके बाद पात्र देशों और प्रवेश बंदरगाहों का दायरा भी बढ़ाया गया। अगस्त
2026 तक 57 देशों तक इसका विस्तार होना बताता है कि चीन विदेशी यात्रियों के
लिए प्रवेश व्यवस्था को लगातार आसान बना रहा है हालांकि हर देश के नागरिक
के लिए नियम एक जैसे नहीं हैं इसलिए किसी भी यात्रा से पहले चीन की National
Immigration Administration या संबंधित चीनी दूतावास/वाणिज्य दूतावास की
ताजा जानकारी देखना जरूरी है। वीजा-फ्री होने का अर्थ यह नहीं है कि प्रवेश की
सभी शर्तें खत्म हो गई हैं।

World Tourism Day पर चीन की बदलती तस्वीर
World Tourism Day 2026 के मौके पर चीन की वीजा नीति में हुआ बदलाव
पर्यटन की बदलती तस्वीर को समझने का एक अच्छा उदाहरण है। यात्रा की
प्रक्रिया जितनी आसान होगी उतने ही ज्यादा लोगों के लिए किसी देश को करीब
से देखना संभव होगा।50 देशों के नागरिकों के लिए यूनिलेट्रल वीजा फ्री एंट्री
(unilateral visa-free entry)और 57 देशों के लिए 240 घंटे की ट्र्रांसजिट वीजा
फ्री सुविधा ने चीन आने वाले पात्र विदेशी यात्रियों के लिए विकल्प बढ़ाए हैं।इसका
असर आगे पर्यटन, होटल, स्थानीय कारोबार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर
कितना पड़ता है यह आने वाले समय में और साफ होगा लेकिन इतना जरूर है कि
चीन की यात्रा अब कई विदेशी यात्रियों के लिए पहले की तुलना में कम कागजी

झंझट वाली हो गई है। यही बदलाव ‘स्पॉन्टेनियस ट्रिप टू चाइना’की अवधारणा
को भी मजबूत कर रहा है जहां यात्रा की योजना महीनों पहले बनाने के बजाय
उपलब्ध समय और अवसर के हिसाब से की जा सकती है अगर यात्री संबंधित
वीजा-फ्री नियमों की सभी शर्तें पूरी करता हो।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— डी के)

 

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