धनतेरस का पर्व धन, समृद्धि और निवेश का प्रतीक है। इस दिन लोग सोना-चांदी, वाहन और संपत्ति खरीदकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। लेकिन इस बार धनतेरस पर निवेश की एक और तस्वीर शेयर बाजार से सामने आ रही है। जहां त्योहारी बाजार में खरीदारी का उत्साह है, वहीं शेयर बाजार में भी तेजी का माहौल निवेशकों के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। लगातार छह कारोबारी सत्रों की तेजी ने बाजार में उत्साह बढ़ा दिया है। निफ्टी ने 5 नवंबर को 2.4 प्रतिशत की छलांग लगाई और पिछले छह सत्रों में करीब 1,900 अंकों की बढ़त दर्ज की।
यह तेजी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि बाजार में निवेशकों के भरोसे और खरीदारी की मजबूत धारणा को भी दर्शाती है। निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो 1.15 से बढ़कर 1.29 पहुंचना भी तेजी के रुझान का संकेत दे रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखते हुए करीब 14,974 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 10,444 करोड़ रुपये की बिकवाली की। यानी बाजार में विदेशी निवेशकों की सक्रियता ने तेजी को सहारा दिया है।
तकनीकी संकेतक भी फिलहाल बाजार की मजबूती की ओर इशारा कर रहे हैं। निफ्टी का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 74.69 पर पहुंच चुका है, जो मजबूत खरीदारी का संकेत है। वहीं बैंक निफ्टी का RSI 69.16 पर है। बैंकिंग शेयरों में भी खरीदारी का रुझान दिखाई दे रहा है। बैंक निफ्टी 57,774 के स्तर पर पहुंच चुका है और अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर कारोबार कर रहा है।
लेकिन धनतेरस पर बाजार की इस चमक के बीच निवेशकों को सावधानी का गणित भी समझना होगा। लगातार तेजी के बाद मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निफ्टी के लिए 24,300 से 24,200 का दायरा अहम समर्थन स्तर है, जबकि 24,700 से 24,800 का स्तर अगली बड़ी चुनौती बन सकता है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक 24,350 के ऊपर निफ्टी की मजबूती बनी रहने की संभावना है। वहीं बैंक निफ्टी के लिए 57,100 का स्तर महत्वपूर्ण है। इसके ऊपर बने रहने पर 58,200 से 58,300 और आगे 58,700 से 59,000 के स्तर पर नजर रहेगी।
एक और महत्वपूर्ण संकेत इंडिया VIX से मिल रहा है। इसमें 2.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ यह 15.58 पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि बाजार में तेजी के बावजूद उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों को केवल तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना होगा।
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना पारंपरिक निवेश का प्रतीक है, लेकिन शेयर बाजार में निवेश का तरीका अलग है। यहां भावनाओं से ज्यादा जरूरी है बाजार की चाल, कंपनी के नतीजे और जोखिम को समझना। लगातार तेजी के बाद ऊंचे स्तरों पर खरीदारी करने से पहले सावधानी जरूरी है।
कुल मिलाकर, इस धनतेरस पर बाजार में भी धन की चमक दिखाई दे रही है। निफ्टी और बैंक निफ्टी की तेजी ने निवेशकों की उम्मीदें बढ़ाई हैं, विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा मिला है, लेकिन मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों का जोखिम भी बरकरार है। इसलिए इस बार धनतेरस का निवेश मंत्र यही है कि कमाई की उम्मीद जरूर रखें, लेकिन जोखिम को नजरअंदाज न करें। क्योंकि शेयर बाजार में धन कमाने से ज्यादा जरूरी है, कमाए हुए धन को संभालकर रखना।