राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार को प्लूरिटिक पेन की शिकायत के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले उन्हें पुणे में भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से छुट्टी मिलने के बाद उनकी तबीयत दोबारा बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि उन्हें खांसी, सांस लेने में परेशानी और सीने में दर्द जैसी शिकायतें हो रही हैं। ऐसे में सवाल है कि आखिर प्लूरिटिक पेन क्या है? क्या यह कोई बीमारी है या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत?
क्या होता है प्लूरिटिक पेन?
प्लूरिटिक पेन यानी सीने में होने वाला ऐसा दर्द, जो सांस लेने या छोड़ने के दौरान बढ़ जाता है। इसमें मरीज को सीने में सुई चुभने, काटने या तेज खिंचाव जैसा दर्द महसूस हो सकता है। यह दर्द अचानक शुरू हो सकता है और गहरी सांस लेने, खांसने, छींकने या हंसने पर अधिक बढ़ सकता है।
दरअसल, हमारे फेफड़ों के चारों ओर एक पतली झिल्ली होती है, जिसे प्लूरा कहा जाता है। इसकी दो परतें होती हैं। पहली परत फेफड़ों की बाहरी सतह को ढकती है, जबकि दूसरी छाती की अंदरूनी दीवार से जुड़ी होती है। इन दोनों परतों के बीच मौजूद थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ सांस लेते समय फेफड़ों को आसानी से फैलने और सिकुड़ने में मदद करता है।
जब इस झिल्ली में सूजन या जलन होती है, तो सांस के साथ सीने में तेज दर्द महसूस हो सकता है। इसी दर्द को प्लूरिटिक पेन कहा जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि प्लूरिटिक पेन खुद कोई अलग बीमारी नहीं, बल्कि शरीर में किसी दूसरी समस्या का लक्षण हो सकता है।
प्लूरिटिक पेन के प्रमुख लक्षण
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सीने में तेज चुभन: अचानक सुई चुभने या काटने जैसा दर्द महसूस होना।
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गहरी सांस में तकलीफ: सामान्य सांस की तुलना में गहरी सांस लेने पर दर्द बढ़ना।
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खांसी और छींक में दर्द: खांसने, छींकने या हंसने पर सीने में चुभन होना।
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कंधे तक दर्द पहुंचना: कुछ मामलों में दर्द कंधे या गर्दन तक महसूस हो सकता है।
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सांस लेने में परेशानी: सांस फूलना या दर्द के कारण गहरी सांस लेने से बचना।
किन कारणों से होता है प्लूरिटिक पेन?
1. वायरल संक्रमण: इन्फ्लूएंजा, एडेनोवायरस और अन्य श्वसन संबंधी संक्रमण प्लूरा में सूजन पैदा कर सकते हैं। इसके साथ बुखार, खांसी और सीने में दर्द हो सकता है।
2. निमोनिया: फेफड़ों में संक्रमण के कारण सूजन पैदा होती है। जब संक्रमण प्लूरा तक पहुंचता है, तो सांस लेते समय तेज दर्द हो सकता है। बुखार, खांसी और बलगम भी इसके लक्षण हो सकते हैं।
3. पल्मोनरी एम्बोलिज्म: यह गंभीर स्थिति है, जिसमें खून का थक्का फेफड़ों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी में फंस जाता है। अचानक सीने में दर्द, सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होना इसके संकेत हो सकते हैं। इसमें तत्काल चिकित्सा की जरूरत होती है।
4. न्यूमोथोरैक्स: इस स्थिति में फेफड़ों और छाती की दीवार के बीच हवा जमा हो जाती है। इससे फेफड़ा आंशिक या पूरी तरह सिकुड़ सकता है। अचानक सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
5. पेरिकार्डाइटिस: दिल के चारों ओर मौजूद झिल्ली में सूजन होने पर भी सीने में दर्द हो सकता है। यह दर्द लेटने पर बढ़ सकता है और आगे झुककर बैठने पर कुछ कम हो सकता है।
कब हो सकती है गंभीर स्थिति?
प्लूरिटिक पेन को सामान्य खांसी या मामूली सीने का दर्द समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। खासकर अगर अचानक तेज सीने में दर्द हो, सांस लेने में गंभीर परेशानी हो, खून वाली खांसी आए, चक्कर या बेहोशी महसूस हो अथवा दिल की धड़कन बहुत तेज हो, तो तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए।
इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर मरीज की जांच, छाती का एक्स-रे, ईसीजी, रक्त जांच या जरूरत पड़ने पर सीटी स्कैन करा सकते हैं। इलाज दर्द के बजाय उसके मूल कारण पर निर्भर करता है। संक्रमण, फेफड़ों में खून का थक्का या दूसरी गंभीर समस्या के लिए अलग-अलग उपचार की जरूरत होती है। निष्कर्ष: प्लूरिटिक पेन केवल सीने में होने वाली चुभन नहीं है, बल्कि यह फेफड़ों, उनके आसपास की झिल्ली या कभी-कभी दिल से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए सांस लेते समय सीने में तेज दर्द होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। शरद पवार की वास्तविक बीमारी या उनकी चिकित्सकीय स्थिति का निष्कर्ष केवल अस्पताल की आधिकारिक जानकारी और डॉक्टरों की जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।