बिहार विधानसभा चुनाव: जल्द होगा तारीखों का ऐलान..दशहरे के बाद दौरे पर जाएगी आयोग की टीम
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। आयोग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त CEC ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की एक टीम दशहरे के तुरंत बाद बिहार का दौरा करने वाली है। इस यात्रा का मकसद चुनावी तैयारियों की समीक्षा करना और कार्यक्रम को अंतिम रूप देना है।
दशहरे के बाद आयोग की टीम का दौरा
सूत्र बताते हैं कि चुनाव आयोग की टीम अक्टूबर के पहले हफ्ते के अंत तक बिहार पहुंचेगी। दौरे में सुरक्षा व्यवस्थाओं, मतदाता सूची, EVM और वीवीपैट की उपलब्धता, चुनाव अधिकारियों की तैनाती और प्रशासनिक तैयारियों की बारीकी से जांच की जाएगी। टीम स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेगी। इस दौरे के बाद आयोग चुनावी तारीखों को लेकर अंतिम निर्णय लेगा। संभावना जताई जा रही है कि दिवाली से पहले चुनाव की तारीखों की घोषणा हो जाएगी।
3 चरणों में हो सकता है मतदान
सूत्रों के अनुसार बिहार में 5 से 15 नवंबर के बीच तीन चरणों में मतदान कराया जा सकता है। इससे पहले आयोग को यह सुनिश्चित करना होगा कि छठ पूजा (25–28 अक्टूबर) जैसे बड़े त्योहार के बाद ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हो। राज्य की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव परिणाम इसी तारीख से पहले घोषित करना अनिवार्य है।
30 सितंबर को फाइनल वोटर लिस्ट
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। 30 सितंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी। मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद उम्मीदवारों के नामांकन और अन्य प्रक्रियाओं का रास्ता साफ हो जाएगा। चुनाव आयोग पहले ही बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) का प्रशिक्षण शुरू कर चुका है। अब तक 280 से अधिक एजेंट इसमें भाग ले चुके हैं।
त्योहारों को देखते हुए रणनीति
चुनाव आयोग बिहार में त्योहारों की अहमियत को देखते हुए शेड्यूल तय करने पर जोर दे रहा है। दशहरा, दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के दौरान मतदान टालकर आयोग चाहता है कि मतदाता बिना किसी बाधा के चुनाव प्रक्रिया में शामिल हो सकें। संकेत साफ हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव की अधिसूचना अक्टूबर मध्य तक जारी हो सकती है। मतदान नवंबर के पहले और दूसरे हफ्ते में संपन्न कराने की तैयारी है, ताकि 22 नवंबर तक नई विधानसभा गठित हो सके। दशहरे के बाद CEC के नेतृत्व में आयोग का दौरा इस दिशा में अंतिम कदम साबित हो सकता है। (प्रकाश कुमार पांडेय)