NEET पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को शिक्षा सचिव के पद से हटा दिया है। उन्हें अब पंचायती राज मंत्रालय में सचिव की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षा मंत्रालय में हुए इस बदलाव को परीक्षा प्रणाली और शिक्षा प्रशासन से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
- शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
- IIT कानपुर से पढ़े हैं विनीत जोशी
- NTA और CBSE का संभाल चुके नेतृत्व
- मणिपुर के मुख्य सचिव भी रहे
- अब पंचायती राज मंत्रालय में नई जिम्मेदारी
1992 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी
विनीत जोशी 1992 बैच के मणिपुर कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 2 नवंबर 1968 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने IIT कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (IIFT), नई दिल्ली से इंटरनेशनल बिजनेस में MBA किया, जिसमें वे गोल्ड मेडलिस्ट रहे। बाद में उन्होंने IIFT से क्वालिटी मैनेजमेंट में PhD भी पूरी की।
शिक्षा क्षेत्र में लंबा अनुभव
विनीत जोशी देश की प्रमुख शिक्षा संस्थाओं में अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वे CBSE के अध्यक्ष, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के पहले महानिदेशक, उच्च शिक्षा सचिव, स्कूली शिक्षा सचिव और UGC के कार्यवाहक अध्यक्ष भी रहे। उनके कार्यकाल में NTA के माध्यम से NEET, JEE Main और CUET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के संचालन की व्यवस्था को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
CBSE में शुरू की थी CCE प्रणाली
फरवरी 2010 से नवंबर 2014 तक CBSE अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली लागू कराने में प्रमुख भूमिका निभाई। उस समय इसे स्कूली शिक्षा में मूल्यांकन सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना गया था।
मणिपुर संकट के दौरान भी निभाई जिम्मेदारी
साल 2023 में मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया था। उन्होंने संकट के दौर में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाली और बाद में उन्हें दोबारा केंद्र सरकार में बुला लिया गया।
नए शिक्षा सचिव कौन बने?
सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत नरेश कुमार गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। वहीं टी.के. अनिल कुमार को स्कूली शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गंगवार इससे पहले पशुपालन मंत्रालय में सचिव थे, जबकि टी.के. अनिल कुमार ग्रामीण विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे।
पेपर लीक विवाद के बीच बदलाव
शिक्षा मंत्रालय पिछले कुछ समय से NEET पेपर लीक और CBSE मूल्यांकन से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। इसी बीच सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। हालांकि सरकार ने इस तबादले को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। वहीं इस घटनाक्रम के साथ ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग भी तेज हो गई है।





