वोटर ने गणित लगाया तो भाजपा का पलड़ा भारी

वोटर ने गणित लगाया तो भाजपा का पलड़ा भारी

वोटर ने गणित लगाया तो भाजपा का पलड़ा भारी

मध्यप्रदेश में 17 नवंबर को अगर 70% वोटिंग भी हुई तो करीब 3 करोड़ 90 लाख वोट पड़ेंगे। भाजपा का अनुमान यह है कि इसमें से करीब एक करोड़ लाडली बहनों के वोट उसे मिलेंगे। ये इस योजना की लाभार्थी 1 करोड़ 30 लाख लाडली बहनों से कम का ही आंकड़ा है। इन बहनों को यह भी भरोसा दिलाया गया है कि भाजपा सरकार बनते ही यह राशि बढ़ा दी जाएगी। पीएम मोदी ने भी इस योजना की तारीफ की है।

सरकार की योजना बनाम जनता के फायदे का गणित
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री कृषक सम्मान योजना जैसी कई अन्य डायरेक्ट कैश बेनिफिट वाली योजनाओं का लाभ भी भाजपा को मिलना तय लग रहा है। मध्यप्रदेश के करीब 76 लाख किसानों को अब 6 हजार के बजाय सालाना 10 हजार रुपए मिलेंगे। 4 हजार रुपए प्रदेश की भाजपा सरकार दे रही है। इस राशि का एक हिस्सा आजकल में ही किसानों के खाते में पहुंच रहा है। तय है कि बहनों के अलावा किसानों का भी साथ भाजपा को मिल सकता है।

धर्म पर वोट, आस्था की सरकार
भाजपा को समर्थन मिलने का एक बड़ा कारण धर्म भी है। अगले साल 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का शुभारंभ वोट बैंक को लुभा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई चुनावी रैलियों में तीसरी दिवाली रामलला वाली की बात कह चुके हैं। भाजपा सरकार बनने पर यहां के लोगों को रामलला के दर्शन कराने की घोषणा भी की गई है। यही नहीं, प्रदेश में महाकाल की तर्ज पर हजारों करोड़ से बन रहे 11 धार्मिक कॉरिडोर भी लोगों की आस्था और श्रद्धा को बनाने, बढ़ाने और भाजपा काे समर्थन देने का बड़ा कारण हैं। इनमें छिंदवाड़ा में 314 करोड़ में हनुमान मंदिर लोक, सलकनपुर में श्रीदेवी महालोक, सागर में रविदास धाम, दतिया में पीतांबरा लोक, ओरछा में 176 करोड़ में रामराजा लोक, चित्रकूट में 100 करोड़ में रामपथ गमन लोक और 2200 करोड़ में ओंकारेश्वर लोक शामिल हैं।

वादे नहीं, पूरा करने की गारंटी देखेगा वोटर
अगर प्रदेश के भविष्य को देखते हुए वोट देने की बात की जाए तो कांग्रेस और भाजपा दोनों के चुनावी घोषणा पत्र में बहुत से वादे समान हैं। सस्ते सिलेंडर, महिलाओं के खाते में पैसे, सस्ती बिजली जैसी कांग्रेस की घोषणाएं उसे भाजपा से आगे नहीं रख पा रही। मध्यप्रदेश की अपनी आईपीएल टीम बनाने की घोषणा से कितने युवा कांग्रेस को वोट करेंगे, यह देखने वाली बात है। ओल्ड पेंशन स्कीम की बात जरूर सरकारी कर्मचारियों को प्रभावित कर सकती है, पर तथ्य यह भी है कि केंद्र में भाजपा की सरकार के रहते राज्य के लिए ऐसी योजनाओं पर पैसे जुटाना व्यावहारिक नहीं है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने मंडला में ऐलान किया कि छात्रों को कक्षा के आधार पर 500 से 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। प्रदेश में 92 लाख बच्चे सरकारी स्कूलों में हैं। ऐसे में यदि कांग्रेस जीती तो इसे योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपए जरूरत होगी। यह पैसे कहां से आएंगे,यह बड़ा सवाल है। यह तथ्य भी अहम है कि अगर राज्य सरकारें फ्रीबीज को जारी रखती हैं तो इसके लिए केंद्र और राज्य में समान पार्टी की सरकार होनी जरूरी है। ऐसे में वर्तमान और भविष्य के लिहाज से अगर वोटर अपनी जेब, बहनों के खाते, बच्चों की पढ़ाई और अपनी आस्था के साथ केंद्र, राज्य के संबंधों को देखते हुए वोट करेगा तो निश्चित ही भाजपा का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है।

 

 

 

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