मौसम अपडेट – 21 मार्च 2026: देशभर में बदला मिजाज, बारिश-आंधी का असर
नई दिल्ली। देशभर में 21 मार्च को मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, कई राज्यों में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक के साथ तूफानी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते उत्तर से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक मौसम अस्थिर बना हुआ है।
उत्तर भारत में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है मध्य भारत, खासकर मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। IMD ने कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस समय खेतों में खड़ी गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों की फसल को नुकसान की आशंका बनी हुई है। अचानक मौसम परिवर्तन से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ सकता है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत भी इस बदलाव से अछूता नहीं है। बिहार, पश्चिम बंगाल और असम समेत कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे तक मौसम का यह अस्थिर रुख बना रह सकता है।
पश्चिमी भारत की बात करें तो गुजरात और आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि यहां स्थिति उत्तर और मध्य भारत जितनी गंभीर नहीं है, लेकिन तापमान में गिरावट जरूर दर्ज की जाएगी।
तापमान की बात करें तो देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम सुहावना महसूस होगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों में धूलभरी आंधी भी चल सकती है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है। यह एक मौसमी प्रणाली है, जो भूमध्य सागर क्षेत्र से उत्पन्न होकर उत्तर भारत तक पहुंचती है और बारिश, आंधी व तूफान का कारण बनती है। इसके सक्रिय होने पर अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिलता है, जैसा कि इस समय हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के महीने में इस तरह के मौसम बदलाव असामान्य नहीं हैं, लेकिन इस बार इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक क्षेत्रों में देखा जा रहा है। इसका असर खासकर किसानों और दैनिक जीवन पर पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तेज हवा और बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने को कहा गया है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है, जैसे फसलों को ढकना या सुरक्षित स्थान पर रखना। वहीं, यात्रियों को भी घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेने की हिदायत दी गई है।
कुल मिलाकर, 21 मार्च 2026 को देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। जहां एक ओर गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।