मध्यप्रदेश में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है, जहां एक ओर आंधी और बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर कुछ जिलों में भीषण गर्मी और लू की आहट है। मौसम विभाग (IMD) ने इस मौसमी उतार-चढ़ाव को देखते हुए प्रदेश के 20 से अधिक शहरों के लिए अलर्ट जारी किया है।
MP के 20 से अधिक शहरों में अलर्ट: भोपाल-इंदौर सहित कई जिलों में आंधी के आसार
मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का उतार-चढ़ाव लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, प्रदेश के 20 से अधिक शहरों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और नर्मदापुरम संभाग के अधिकांश जिलों में तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में धूलभरी हवाओं के साथ-साथ गरज-चमक और बारिश होने के भी पूरे आसार हैं।
2. मौसमी प्रणालियों का असर: 10 जून से लू और 11 जून से नया साइक्लोनिक डिस्टर्बेंस
सीनियर मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, वर्तमान में सागर और रीवा संभागों के आसमान में बादलों का डेरा (क्लाउडिंग) है। आने वाले दिनों में दो बड़े मौसमी बदलाव देखने को मिलेंगे:
- 10 जून से हीटवेव: प्रदेश के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस का उछाल आएगा, जिससे भिंड, मुरैना, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे जिलों में भीषण लू (हीटवेव) का अलर्ट जारी किया गया है।
- 11 जून से नया सिस्टम: 11 जून से राज्य में एक नया साइक्लोनिक डिस्टर्बेंस (चक्रवाती व्यवधान) सक्रिय होने जा रहा है, जो मौसम को एक बार फिर प्रभावित करेगा।
3. बारिश के आंकड़ों में भारी अंतर: पश्चिमी एमपी में रिकॉर्ड तोड़ बौछारें, पूर्वी हिस्सा सूखा
चालू मानसून/प्री-मानसून सीजन के तहत 1 जून से 8 जून के बीच प्रदेश में सामान्य से 24 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का यह वितरण बेहद असमान है:
- पश्चिमी मध्यप्रदेश: इस हिस्से में उम्मीद से कहीं ज्यादा पानी बरसा है, जो औसत से 86 प्रतिशत अधिक है।
- पूर्वी मध्यप्रदेश: इसके उलट पूर्वी हिस्से में मानसून की रफ्तार सुस्त है, जहां औसत से 55 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
4. तेज रफ्तार आंधी की चेतावनी: 60 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने बिजली चमकने और अत्यधिक तेज हवाएं चलने को लेकर जिलों को दो श्रेणियों में बांटा है:
- 60 किमी/घंटे की रफ्तार: रायसेन, सांची, भीमबेटका, सागर, दमोह, विदिशा, उदयगिरी, नर्मदापुरम और पचमढ़ी में वज्रपात (बिजली चमकने) के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
- 40 किमी/घंटे की रफ्तार: दतिया, रतनगढ़, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो और गुना में हवाओं की रफ्तार थोड़ी कम यानी 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की उम्मीद है।
5. पर्यटन स्थलों और प्रमुख अभ्यारण्यों में भी दिखेगा मौसम का असर
इस मौसमी बदलाव की जद में प्रदेश के कई प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान, बांध और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल भी आ रहे हैं। नीमच, मंदसौर, गांधी सागर अभ्यारण्य, ओरछा, खजुराहो, पन्ना टाइगर रिजर्व (TR), चित्रकूट, मैहर, अमरकंटक, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, पेंच, सिवनी, बालाघाट, मंडला, कान्हा नेशनल पार्क, डिंडोरी, जबलपुर के भेड़ाघाट, बांधवगढ़, शहडोल और बाणसागर बांध क्षेत्र में भी तेज आंधी-पानी का दौर देखने को मिलेगा। यहां आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।





