UP Assembly Elections 2027 : यूपी में अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ सकेंगे अखिलेश यादव.. जाने क्यों

UP Assembly Elections 2027

उत्तरप्रदेश में अगले साल 2027 में विधानसभा के चुनाव होना हैं। पिछले 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी 403 विधानसभा सीटों में से महज 111 सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी। 2022 के चुनाव में सपा के साथ जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी का गठबंधन था, जो लोकसभा चुनाव 2024 से पहले टूट गया। हालांकि आम चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया और उसके 37 सांसद चुनकर संसद पहुंचे। अब 2027 के चुनाव की तैयारी में जुटे सपा प्रमुख अखिलेश यादव को आरएलडी का विकल्प तलाशना होंगे। क्योंकि इतना तय है कि यूपी में अखिलेश यादव अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। आइये विस्तार से जानते हैं आखिर क्यों अखिलेश अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

2022 में सपा ने अकेले दम पर जीती थीं 111 सीट
गठबंधन में शामिल दलों ने भी कुछ सीटें जीतीं
सपा गठबंधन ने जीती थी 125 सीट
जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी को 8 सीटें मिली थीं
2024 के चुनाव में आरएलडी से सपा का टूटा गठबंधन
सपा ने 2024 के आम चुनाव में 37 सीट जीतीं
2027 में सपा कांग्रेस के साथ बना रही चुनावी रणनीति
सीटों के बंटवारे पर फंसा पेंच
कांग्रेस ने मांगी सपा से 403 में से 120 सीट

उत्तर प्रदेश में 404 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 202 सीट पर जीत की आवश्यकता होती है। 2022 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एनडीए गठबंधन के साथ मिलकर 403 में से 255 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया था। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में फिर से बीजेपी ने सरकार बनाई थी।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव को विपक्षी गठबंधन में शामिल कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और अन्य दलों का साथ लेना होगा। इनके साथ 403 सीटों पर चुनावी रणनीति बनाना होगी। और आम चुनाव के जोश को कायम रखना होगा। सपा 2024 के आम चुनाव में यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से अपने दम पर 37 सीटों पर जीत हासिल की थी। उस समय यूपी में 37 सीट जीतकी सपा ने अपने इतिहास के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की थी। इसके बाद पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सियासी कद की तुलना उनके पिता स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव से की जाने लगी थी। अब 2027 की चुनौती सपा प्रमुख के सामने है और कम से कम 403 विधानसभा सीटों में से सरकार बनाने के लिए जरुरी 202 सीट पर किस तरह जीत हासिल की जा सके इसके लिए उन्हें विपक्षी गठबंधन के दलों के मिलकर ही रणनीति बनाना होगी।

ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी का कांग्रेस से गठबंधन होना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि वही सवाल खड़ा होता है कि सीटों का बंटवारा कैसे होगा।क्योंकि कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर करीब 120 सीट पर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

वहीं महाराष्ट्र में सियासी जमीन खो देने वाली शिवसेना यूबीटी भी इस बार यूपी में विपक्षी गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में उतर कर बीजेपी और एनडीए को चुनौती देने की तैयारी कर रही है। यूपी में शिवसेना यूबीटी प्रदेशाध्यक्ष अनिल सिंह कई मौकों पर यह जाहिर भी कर चुके हैं।

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