सीजफायर के बीच फिर भड़का अमेरिका-ईरान तनाव: होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी हमला, तेल बाजार में बढ़ी हलचल

अमेरिका और ईरान के बीच लागू युद्धविराम के बावजूद मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ड्रोन गतिविधियों को निशाना बनाते हुए नई सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिका का दावा है कि यह कदम उसकी सेना और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए उठाया गया। वहीं ईरान ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन बताते हुए अमेरिका पर क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक तेल बाजार में फिर हलचल तेज हो गई है।

अमेरिकी सेना ने ड्रोन कंट्रोल स्टेशन और हमलावर ड्रोन को बनाया निशाना

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के चार अटैक ड्रोन मार गिराए और बंदर अब्बास इलाके में मौजूद एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर हमला किया। दावा किया गया कि वहां से पांचवें ड्रोन को लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य के पास की गई, जिसे दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई “रक्षात्मक और सीमित” थी ताकि युद्धविराम बना रहे।

ईरान ने अमेरिकी तेल टैंकर को लौटाने का दावा किया, दोनों देशों के बयान अलग

ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Islamic Revolutionary Guard Corps की नौसेना ने एक अमेरिकी तेल टैंकर को चेतावनी दी, जिसके बाद जहाज को वापस लौटना पड़ा। ईरान का कहना है कि इसके बाद अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास के आसपास खाली इलाकों में हमले किए, हालांकि किसी तरह के नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं हुई। बाद में ईरानी अधिकारियों ने दावा किया कि चार अन्य जहाजों को भी चेतावनी देकर वापस भेजा गया।

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी एक देश के नियंत्रण से किया इनकार

Donald Trump ने कैबिनेट बैठक के दौरान स्पष्ट कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य किसी एक देश के नियंत्रण में नहीं रहेगा। ट्रंप ने ईरान के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईरान और ओमान मिलकर समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए समझौते की दिशा में बढ़ रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और कोई भी देश यहां एकतरफा नियंत्रण नहीं कर सकता।

तेल बाजार में फिर उछाल, युद्धविराम के बावजूद अनिश्चितता कायम

नए सैन्य हमलों की खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में फिर तेजी लौट आई। अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत करीब 2 प्रतिशत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। इससे पहले बुधवार को तेल कीमतों में 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर असर डाल सकता है, क्योंकि युद्ध से पहले दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन इसी रास्ते से होता था।

परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंध बने सबसे बड़े विवाद, समझौते की राह अब भी मुश्किल

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सैन्य उपस्थिति को लेकर बना हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। वहीं ईरान लगातार कह रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। रिपोर्ट्स के मुताबिक क्षेत्र में अमेरिका के करीब 15 हजार सैनिक और कई युद्धपोत तैनात हैं, जिससे तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता दिखाई दे रहा है।

 

 

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