यूपी में बेमौसम बारिश-ओलों का कहर, गेहूं की फसल बर्बाद—किसान बेहाल

Uttar Pradesh destroying wheat crops

यूपी में बेमौसम बारिश-ओलों का कहर, गेहूं की फसल बर्बाद—किसान बेहाल

लखनऊ/उत्तर प्रदेश: अप्रैल के महीने में अचानक बदले मौसम ने उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है। जहां एक ओर तेज गर्मी से लोगों को राहत मिली, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने खेतों में खड़ी और कटी फसलों को बर्बाद कर दिया। राज्य के प्रयागराज, अलीगढ़, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, आगरा, एटा, कासगंज और फिरोजाबाद समेत कई जिलों में गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

  1. अप्रैल में बदला मौसम, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
  2. पीलीभीत से प्रयागराज तक फसलों को भारी नुकसान
  3. ओलावृष्टि और आंधी से गेहूं-सारसों की फसल चौपट
  4. मुआवजे की मांग तेज, प्रशासन ने शुरू कराया सर्वे
  5. राहत की बारिश बनी किसानों के लिए आफत

अचानक हुई इस बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई जगहों पर खेतों में खड़ी फसल गिरकर बिछ गई, जबकि जिन किसानों ने फसल काट ली थी, उनकी उपज भीगकर खराब हो गई। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।

पीलीभीत में सबसे ज्यादा असर
पीलीभीत जिले में तेज आंधी और बारिश ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। तराई क्षेत्र में किसानों की तैयार गेहूं की फसल खेतों में ही गिर गई। कई किसानों की कटी हुई फसल भी पानी में भीग गई, जिससे नुकसान और बढ़ गया। प्रशासन ने नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है, लेकिन किसानों की चिंता फिलहाल कम नहीं हुई है।

अयोध्या में राहत और चिंता साथ-साथ
अयोध्या में मौसम के इस बदलाव ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी। तेज हवाओं और हल्की बारिश के चलते फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। किसानों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो उत्पादन पर बड़ा असर पड़ेगा।

आगरा में ओलावृष्टि से तबाही
आगरा के ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि और बारिश ने गेहूं और सब्जियों की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई गांवों में फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से किसानों को मुआवजा देने और ऋण वसूली स्थगित करने की मांग की है।

एटा और कासगंज में सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद
एटा और कासगंज में लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। यहां गेहूं के साथ-साथ सरसों की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। खेतों में खड़ी फसल गिर गई है, जिससे सड़ने का खतरा बढ़ गया है।

फिरोजाबाद में रबी फसलें प्रभावित
फिरोजाबाद के नारखी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि और बारिश ने रबी की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के ठीक पहले हुए इस नुकसान ने उनकी सारी उम्मीदें तोड़ दी हैं।

लखीमपुर में ओलों से खेत उजड़े
लखीमपुर खीरी में भारी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की खड़ी फसल गिर गई। किसानों ने बताया कि फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन अचानक आई बारिश ने सब बर्बाद कर दिया। अब उन्हें मुआवजे की उम्मीद है।

अलीगढ़ में मंडियों तक पहुंचा नुकसान
अलीगढ़ में दो दिन की मूसलाधार बारिश ने खेतों के साथ-साथ मंडियों में रखे गेहूं को भी नुकसान पहुंचाया है। किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को भी भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

प्रयागराज में आंधी-तूफान का असर
प्रयागराज में तेज आंधी और बारिश के चलते कई बीघा फसल खराब हो गई। कटी हुई फसल उड़कर इधर-उधर बिखर गई और खेतों में पानी भरने से नुकसान और बढ़ गया।

मुआवजे की मांग तेज
लगातार हो रहे नुकसान के बीच किसानों ने सरकार से तत्काल मुआवजे की मांग की है। प्रशासन ने कई जिलों में सर्वे शुरू कर दिया है और जल्द रिपोर्ट आने की बात कही जा रही है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि समय पर राहत नहीं मिली, तो किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।

कुल मिलाकर, अप्रैल की यह बेमौसम बारिश जहां आम लोगों के लिए राहत लेकर आई, वहीं किसानों के लिए बड़ी आफत बन गई है। अब सभी की नजरें सरकार की राहत योजनाओं और मुआवजे पर टिकी हैं, जिससे प्रभावित किसान इस संकट से उबर सकें।

Exit mobile version