भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तर प्रदेश सरकार की GeM (Government e-Marketplace) प्लेटफॉर्म पर सक्रियता और अनुशासित उपयोग की प्रशंसा की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर यूपी की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया।
- GeM प्लेटफॉर्म पर यूपी की भागीदारी
- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सराहा
- केन्द्रीय मंत्री गोयल ने लिखा पत्र
- 2024-25 में GeM के ज़रिए की खरीदी
- देशभर में 5.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी खरीदी
- त्तर प्रदेश सरकार ने किया ई-मार्केटप्लेस (GeM) का प्रभावी उपयोग
- केन्द्रीय मंत्री ने रिकॉर्ड खरीदारी में योगदान के लिए बधाई दी
- सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र
- राज्य की सक्रिय भूमिका की सराहना की
- इसे “अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय” बताया
GeM प्लेटफॉर्म, जो कि भारत सरकार की एक डिजिटल पहल है, का उद्देश्य सरकारी खरीद प्रणाली को पारदर्शी, प्रतिस्पर्धात्मक और दक्ष बनाना है। केंद्र और राज्य सरकारें, सार्वजनिक उपक्रम और अन्य संस्थाएं इस माध्यम से आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं ऑनलाइन खरीद सकती हैं।
रिकॉर्ड तोड़ सरकारी खरीद
पीयूष गोयल के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में GeM प्लेटफॉर्म के ज़रिए देशभर में 5.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी खरीद हुई है। यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है और इसमें उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि अब तक 72 लाख से अधिक विक्रेता GeM पर पंजीकृत हो चुके हैं। यह पहल न केवल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई है, बल्कि MSME सेक्टर को भी सरकारी खरीद में भाग लेने का बड़ा अवसर मिला है।
उत्तर प्रदेश की भूमिका विशेष
केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में यह स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने न केवल GeM के दिशा-निर्देशों का पालन किया है, बल्कि इसे समयबद्ध और योजनाबद्ध तरीके से लागू भी किया है। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस को मजबूती मिली है और सरकारी विभागों की क्रय प्रणाली में पारदर्शिता व जिम्मेदारी भी आई है। पीयूष गोयल ने राज्य सरकार को GeM के और विस्तार के लिए कई सुझाव भी दिए। ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के उद्यमियों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। अधिक से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए ताकि व्यापारी और अधिकारी प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग कर सकें। राज्य के ज्यादा विभागों को GeM से जोड़ा जाए, जिससे यह डिजिटल व्यवस्था व्यापक हो सके। उन्होंने 26 नवंबर 2024 को दिए गए एक पुराने पत्र का भी जिक्र किया जिसमें GeM को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के सुझाव दिए गए थे।
GeM: डिजिटल भारत की दिशा में एक कदम
GeM प्लेटफॉर्म 2017 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य था — सरकारी खरीद में ईमानदारी व पारदर्शिता लाना। लागत में बचत करना। MSME सेक्टर को सशक्त बनाना। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य, जिन्होंने इस प्लेटफॉर्म को गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ अपनाया है, वे इस डिजिटल परिवर्तन के प्रेरक बनकर उभरे हैं। उत्तर प्रदेश की GeM पर बढ़ती उपस्थिति राज्य को डिजिटल गवर्नेंस में अग्रणी बना रही है। केंद्रीय मंत्री की सराहना इस बात का प्रमाण है कि यूपी सरकार की नीतियां, पारदर्शिता और नवाचार के साथ कार्यान्वयन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। आने वाले समय में GeM का विस्तार राज्य की आर्थिक संरचना और उद्यमिता को और सशक्त बनाएगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 5.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी खरीद GeM प्लेटफॉर्म के माध्यम से की गई, जो अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। इसमें उत्तर प्रदेश की भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही, जिसने पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और लागत बचत में अहम योगदान दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई
पीयूष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में यूपी सरकार के प्रयासों की सराहना की। पत्र में कहा गया कि राज्य सरकार और उसके विभागों ने समयबद्ध और अनुशासित तरीके से GeM के दिशा-निर्देशों का पालन किया है। उत्तर प्रदेश की यह सक्रियता MSME सेक्टर को सरकारी खरीद में भाग लेने का अवसर दे रही है। प्रकाश कुमार पांडेय