मुख्य बिंदु
- उज्ज्वल निकम बने केतन हत्याकांड के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर।
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पीड़ित परिवार के अनुरोध पर स्वीकार की जिम्मेदारी।
- सरकार ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग भी मंजूर की।
- सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में, हत्या के एंगल से जांच जारी।
- चार्जशीट दाखिल होने के बाद मुकदमे की औपचारिक सुनवाई शुरू होगी।
CM फडणवीस की पहल पर हाई-प्रोफाइल केस में उज्ज्वल निकम बने स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, केतन अग्रवाल हत्याकांड में तेज होगी कानूनी लड़ाई
केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने और एक अनुभवी सरकारी वकील की नियुक्ति की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को जल्द न्याय दिलाने का भरोसा दिया और सरकार ने दोनों मांगों पर सकारात्मक फैसला लिया।
मुख्यमंत्री के फोन पर स्वीकार की जिम्मेदारी
उज्ज्वल निकम ने बताया कि उन्हें शुक्रवार दोपहर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का फोन आया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि पीड़ित परिवार विशेष रूप से चाहता है कि इस संवेदनशील मामले में निकम सरकारी पक्ष रखें। इसके बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी स्वीकार कर ली।
निकम ने कहा कि यह हत्या पूरे देश को झकझोर देने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि पुलिस की जांच अभी जारी है और चार्जशीट दाखिल होने के बाद मुकदमे की रणनीति स्पष्ट होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि कानून के दायरे में रहते हुए पूरी मजबूती से सरकारी पक्ष रखा जाएगा।
क्यों खास हैं उज्ज्वल निकम?
उज्ज्वल निकम देश के सबसे चर्चित सरकारी वकीलों में गिने जाते हैं। उन्होंने 2008 के मुंबई आतंकी हमले, कई आतंकवाद और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की है। उनकी नियुक्ति को सरकार की ओर से इस मामले को गंभीरता से लेने का संकेत माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
18 जून को पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले से गिरने के बाद केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना गया, लेकिन जांच में हत्या की आशंका सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की दिशा बदल दी। जांच के दौरान केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके मित्र चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस हत्या, साजिश और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला
पीड़ित परिवार की मांग पर महाराष्ट्र सरकार ने मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इससे मुकदमे की सुनवाई सामान्य मामलों की तुलना में तेजी से पूरी हो सकेगी।
परिवार को न्याय की उम्मीद
एक ओर पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्य और परिस्थितिजन्य सबूत जुटाने में लगी है, वहीं दूसरी ओर उज्ज्वल निकम की नियुक्ति के बाद पीड़ित परिवार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब सभी की नजर पुलिस की चार्जशीट और अदालत में शुरू होने वाली कानूनी कार्यवाही पर टिकी है।