देश के कई राज्यों में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है, लेकिन 28 मई से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
कई राज्यों में भीषण गर्मी का कहर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत में 45 डिग्री तक पहुंचा तापमान, लू से जनजीवन प्रभावित
आज 28 मई से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, बारिश और तेज हवाओं से मिलेगी राहत
दिल्ली, राजस्थान, एमपी, यूपी समेत कई राज्यों में भीषण लू की चेतावनी
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का खतरा
मानसून की रफ्तार तेज होने के संकेत, खरीफ फसलों को मिलेगा फायदा
राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और विदर्भ के कई जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। भीषण गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक तथा डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
मौसम विभाग ने आज हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और विदर्भ में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी हीटवेव की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी का असर आम जनजीवन के साथ-साथ बिजली और पानी की मांग पर भी दिखाई दे रहा है। कई शहरों में बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। किसानों के सामने भी चुनौती बढ़ गई है, क्योंकि तेज गर्मी के कारण खेतों में नमी तेजी से कम हो रही है।
हालांकि मौसम विभाग ने राहत भरी खबर भी दी है। विभाग के अनुसार आज 28 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी और हल्की बारिश की भी संभावना है। इससे तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
उधर पूर्वोत्तर भारत में मौसम पूरी तरह बदला हुआ है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण भारत के राज्यों में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्सों में तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अनुकूल परिस्थितियां बनने के कारण मानसून आगे बढ़ने की स्थिति में है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यदि अगले कुछ दिनों तक यही परिस्थितियां बनी रहीं तो दक्षिण-पश्चिम मानसून जल्द ही देश के अन्य हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ सकता है। इससे जहां एक ओर तापमान में गिरावट आएगी, वहीं किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई शुरू करने में भी मदद मिलेगी। अच्छी बारिश से जलाशयों का जलस्तर बढ़ेगा और पेयजल संकट से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। कहीं लोग तेज गर्मी और लू से परेशान हैं तो कहीं भारी बारिश और आंधी-तूफान ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने तथा मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।





