भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में आखिरकार 13 दिन बाद रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। लंबे इंतजार, कानूनी प्रक्रियाओं और दोबारा पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद परिवार ने भोपाल में ही अंतिम संस्कार के लिए सहमति दी। शहर के Bhadbhada Vishram Ghat पर नम आंखों के बीच ट्विशा को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान परिवार के सदस्य बेहद भावुक दिखाई दिए और पूरे माहौल में गम और बेचैनी साफ महसूस की जा रही थी।
- 13 दिन बाद मिली अंतिम विदाई
- दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
- समर्थ के बयान से बढ़े सवाल
- आखिरी रात की गुत्थी अब भी कायम
- फॉरेंसिक जांच से खुल सकते हैं राज
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी व्यक्ति की मौत के बाद 13वें दिन त्रयोदशी संस्कार संपन्न किया जाता है, लेकिन ट्विशा शर्मा का मामला सामान्य नहीं रहा। मौत के बाद से ही लगातार उठते सवालों, हाईकोर्ट के निर्देश और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग के चलते अंतिम संस्कार में लंबा समय लग गया। परिवार के लोग अपनी बेटी की मौत की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे थे। आखिरकार कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
इस हाईप्रोफाइल मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब दिल्ली एम्स की विशेषज्ञ टीम भोपाल पहुंची और दूसरी बार पोस्टमार्टम किया गया। भोपाल एम्स में करीब तीन घंटे तक चली इस प्रक्रिया में फॉरेंसिक विशेषज्ञों का विशेष पैनल मौजूद रहा। जांच की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम के दौरान शरीर से जुड़े कई अहम फॉरेंसिक सैंपल दोबारा लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट अब जांच एजेंसियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दरअसल, हाईकोर्ट के निर्देश के बाद दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। परिवार और सामाजिक संगठनों की ओर से मौत के कारणों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी कई तरह की शंकाएं जताई गई थीं। ऐसे में अब सभी की नजर दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे मौत के पीछे की परिस्थितियों को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
इधर मामले में पुलिस जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है। आरोपी पति Samarth Singh को सात दिन की रिमांड पर लेकर एसआईटी लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस अब 12 मई की उस आखिरी रात की हर छोटी-बड़ी गतिविधि को जोड़ने की कोशिश कर रही है, जब कुछ घंटों के भीतर पूरा घटनाक्रम बदल गया।
समर्थ सिंह ने पूछताछ में पुलिस को उस रात की पूरी टाइमलाइन बताई है। उसके मुताबिक, शाम तक सब कुछ सामान्य था। ट्विशा पार्लर से घर लौटीं, दोनों ने साथ समय बिताया, खाना खाया और टीवी देखा। बाद में ट्विशा नीचे वाले कमरे में चली गईं और फोन पर अपने माता-पिता से बात कर रही थीं। समर्थ का दावा है कि वह थकान के कारण कमरे में ही सो गया था। लेकिन इसके कुछ समय बाद ट्विशा की मां और समर्थ की मां के फोन कॉल्स के बाद घटनाएं तेजी से बदल गईं। पुलिस अब इसी कहानी के हर हिस्से की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और फॉरेंसिक रिपोर्ट को आपस में मिलाकर उस रात की वास्तविक तस्वीर समझने की कोशिश कर रही हैं। सवाल यह है कि अगर रात करीब 8:30 बजे तक सब कुछ सामान्य था तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ ही देर में ट्विशा की मौत हो गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि ट्विशा अपने माता-पिता से फोन पर बात करते समय परेशान और भावुक लग रही थीं। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उस दौरान कोई मानसिक तनाव था या घर में किसी तरह का विवाद हुआ था। यह सवाल भी लगातार उठ रहा है कि समर्थ वास्तव में सो रहा था या फिर उस दौरान कुछ और हुआ।सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्विशा को आखिरी बार जिंदा किसने देखा और वह छत तक कैसे पहुंचीं। पुलिस यह भी जांच रही है कि जिस तरह फांसी लगाने और बाद में बचाने की कहानी बताई गई है, क्या घटनास्थल के फॉरेंसिक सबूत उससे मेल खाते हैं या नहीं। घटनास्थल की परिस्थितियां, बेल्ट की स्थिति और शरीर पर मिले निशानों को लेकर विशेषज्ञ लगातार विश्लेषण कर रहे हैं।
फिलहाल ट्विशा शर्मा मौत मामला भोपाल ही नहीं, पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर नई जानकारी इस केस को और अधिक संवेदनशील बना रही है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाएगा। अब सबकी नजर दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एसआईटी जांच पर टिकी है, जिससे इस रहस्यमयी मौत के पीछे की असली सच्चाई सामने आने की उम्मीद की जा रही है।