योगी सरकार में पर्यटन को नई उड़ान: आस्था, संस्कृति और विकास का बना ग्लोबल मॉडल
उत्तर प्रदेश ने बीते कुछ वर्षों में पर्यटन के क्षेत्र में जिस रफ्तार से प्रगति की है, उसने उसे देश ही नहीं बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने आस्था, अध्यात्म और आधुनिक विकास को एक साथ जोड़ते हुए एक ऐसा मॉडल पेश किया है, जो न केवल पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि आर्थिक विकास का नया रास्ता भी खोल रहा है।
- पर्यटन में यूपी की बड़ी छलांग, 156 करोड़ पर्यटकों का रिकॉर्ड
- 22 गुना बढ़ा बजट, विकास को मिला नया इंजन
- अयोध्या-काशी-प्रयागराज बना आस्था का सुपर सर्किट
- एक्सपीरियंशल टूरिज्म से बढ़ेगा रोजगार और व्यापार
- महाकुंभ 2025 से वैश्विक पहचान, नए प्रोजेक्ट्स पर फोकस
रिकॉर्ड पर्यटक आगमन: 156 करोड़ का आंकड़ा पार
प्रदेश में पिछले एक वर्ष के दौरान 156 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश अब देश के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शुमार हो चुका है। धार्मिक स्थलों से लेकर सांस्कृतिक विरासत तक, हर क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
बजट में ऐतिहासिक उछाल: 22 गुना बढ़ोतरी
पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पर्यटन विभाग के बजट में 22 गुना और संस्कृति विभाग के बजट में 20 गुना तक की वृद्धि की गई है। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात के अनुसार, यह निवेश बुनियादी ढांचे के विकास, सुविधाओं के विस्तार और राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को मजबूती दे रहा है।
स्पिरिचुअल ट्रायंगल: आस्था का नया सर्किट
अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज को जोड़ने वाला ‘स्पिरिचुअल ट्रायंगल’ श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह सर्किट न केवल धार्मिक यात्रा को आसान बना रहा है, बल्कि एक समग्र आध्यात्मिक अनुभव भी प्रदान कर रहा है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिल रहा है।
एक्सपीरियंशल टूरिज्म: अनुभव के साथ जुड़ाव
राज्य सरकार अब ‘एक्सपीरियंशल टूरिज्म’ पर जोर दे रही है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को सिर्फ घूमाना नहीं, बल्कि उन्हें स्थानीय संस्कृति, खानपान, कला और परंपराओं से जोड़ना है। इससे पर्यटकों का प्रवास समय बढ़ रहा है और स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प व रोजगार को सीधा लाभ मिल रहा है।
महाकुंभ से मिली नई संभावनाएं
महाकुंभ 2025 को लेकर तैयारियां और इसकी वैश्विक लोकप्रियता ने भी उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। इसके साथ ही सरकार एडवेंचर और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दे रही है।
- झांसी में हेलीपोर्ट सुविधा विकसित की जा रही है
- प्रयागराज में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा
- सहारनपुर में जंगल सफारी की योजना
- कानपुर में इंडस्ट्रियल टूरिज्म की संभावनाएं
पर्यटन बना विकास का इंजन
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, अब पर्यटन केवल आस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह रोजगार और आर्थिक विकास का मजबूत स्तंभ बन चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों और जनता की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को तेजी से लागू किया जाए।
उत्तर प्रदेश ने ‘विरासत भी, विकास भी’ की नीति को जमीन पर उतारते हुए यह साबित कर दिया है कि अगर योजना और क्रियान्वयन मजबूत हो, तो पर्यटन किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दे सकता है। आने वाले समय में यूपी का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।