तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में भगवान श्री वेंकटेश्वर के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। जून 2026 में प्रसिद्ध श्रीवारी लड्डू प्रसाद की बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच मंदिर प्रशासन ने उत्पादन बढ़ाकर बिना किसी रुकावट के प्रसाद वितरण सुनिश्चित किया। लगातार तीन महीनों से लड्डू बिक्री में बढ़ोतरी यह साबित करती है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है।
अप्रैल से जून तक हर महीने टूटा पिछला रिकॉर्ड, जून में सबसे ज्यादा लड्डू बिके
टीटीडी के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 में 1,11,96,170 श्रीवारी लड्डुओं का वितरण हुआ। इसके बाद मई 2026 में यह संख्या बढ़कर 1,21,35,528 पहुंच गई। वहीं जून 2026 में नया रिकॉर्ड बनाते हुए 1,26,81,805 लड्डू श्रद्धालुओं को वितरित किए गए। लगातार तीन महीनों में बिक्री में हुई यह वृद्धि दर्शाती है कि तिरुमाला आने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और मंदिर प्रशासन उनकी जरूरतों के अनुसार व्यवस्थाएं मजबूत कर रहा है।
पिछले दो वर्षों की तुलना में भी जून 2026 सबसे आगे, बिक्री में शानदार बढ़ोतरी दर्ज
यदि पिछले वर्षों के जून माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो जून 2024 में 1,02,64,364 लड्डू वितरित हुए थे, जबकि जून 2025 में यह संख्या बढ़कर 1,19,21,353 हो गई। अब जून 2026 में 1,26,81,805 लड्डुओं की बिक्री दर्ज की गई है। यानी पिछले वर्ष की तुलना में 7,59,452 अधिक लड्डू वितरित हुए, जो 6.37 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं जून 2024 की तुलना में बिक्री 24,17,441 लड्डुओं से बढ़ी, जो लगभग 23.55 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी को दर्शाती है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए टीटीडी ने उत्पादन और वितरण बढ़ाया
भगवान श्री वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु तिरुमाला पहुंच रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने लड्डू निर्माण की क्षमता बढ़ाई है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी श्रद्धालु को प्रसाद लेने में परेशानी न हो। मंदिर प्रबंधन आधुनिक व्यवस्था और बेहतर योजना के साथ उत्पादन, पैकिंग और वितरण की प्रक्रिया को लगातार मजबूत कर रहा है ताकि बढ़ती मांग को आसानी से पूरा किया जा सके।
शुद्ध सामग्री से तैयार होता है श्रीवारी लड्डू, GI टैग ने दिलाई वैश्विक पहचान
श्रीवारी लड्डू मंदिर की प्रसिद्ध ‘लड्डू पोटु’ रसोई में तैयार किया जाता है। इसे शुद्ध घी, बेसन, चीनी, काजू, किशमिश और इलायची जैसी उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से बनाया जाता है। श्रद्धालुओं तक पहुंचने से पहले हर लड्डू भगवान श्री वेंकटेश्वर को अर्पित किया जाता है। वर्ष 2009 में तिरुपति लड्डू को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग प्राप्त हुआ था, जिससे इसकी विशिष्ट पहचान को कानूनी संरक्षण मिला। दर्शन करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को एक लड्डू प्रसाद दिया जाता है, जबकि अतिरिक्त लड्डू ₹50 प्रति लड्डू की दर से उपलब्ध हैं। यही वजह है कि श्रीवारी लड्डू देश के सबसे लोकप्रिय और सर्वाधिक मांग वाले मंदिर प्रसादों में शामिल है।