शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के आली क्षेत्र की पहली पवन ऊर्जा परियोजना ने एक बड़ा कदम पूरा कर
लिया है। चाइना जनरल न्यूक्लियर पावर (सीजीएन) की आली गेत्से 50 मेगावाट पवन ऊर्जा
परियोजना में हाल ही में सभी पवन टर्बाइनों की स्थापना पूरी हो गई है और अब यह पूरी तरह ग्रिड
से जोड़ने तथा परीक्षण के चरण में प्रवेश कर चुकी है। योजना के मुताबिक, इस परियोजना को
2026 के अंत तक ग्रिड से जोड़कर संचालन में लाया जाएगा।
यह परियोजना समुद्र तल से 4,600 से 4,800 मीटर की ऊंचाई पर आली हिम-पठार पर बनी है। यहां
कुल 10 पवन टर्बाइन लगाई गई हैं और हर एक की क्षमता 5 मेगावाट है।
इतनी ऊंचाई पर हवा पतली होती है, कड़ाके की ठंड पड़ती है और ऑक्सीजन भी कम रहती है।
सितंबर के मध्य के बाद स्थानीय तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है। तेज़ हवाओं
और ओलावृष्टि जैसे मौसमी हालात की वजह से बड़े उपकरणों की ढुलाई और टर्बाइनों की स्थापना
के लिए काम का समय भी सीमित रह जाता है। इन्हीं चुनौतियों के बीच परियोजना टीम ने हवा की
रफ्तार पर लगातार नजर रखी और निर्माण योजना में जरूरत के हिसाब से फेरबदल किया। इसी
तरह मौके का फायदा उठाकर सभी पवन टर्बाइनों की स्थापना पूरी कर ली गई।
इस बीच चीनी राष्ट्रीय दिवस की छुट्टी के दौरान भी परियोजना स्थल पर 60 से ज्यादा निर्माण
कर्मी डटे रहे। फिलहाल गुणवत्ता निरीक्षण और सबस्टेशन उपकरणों की जांच जैसे काम चल रहे हैं,
ताकि जल्द ग्रिड से जोड़ने और संचालन की तैयारी पूरी हो सके। पूरी क्षमता से चलने के बाद इस
परियोजना से सालाना करीब 18 करोड़ किलोवाट-घंटे बिजली बन सकती है। इससे लगभग 1.5
लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन कम होगा और इलाके में स्वच्छ ऊर्जा की कमी भी
काफी हद तक पूरी हो सकेगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





