विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष 4 जुलाई से शुरू होने जा रही है। आस्था, अध्यात्म और कठिन पर्वतीय मार्ग के संगम मानी जाने वाली इस यात्रा को लेकर कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार यात्रा में 10 दल शामिल होंगे और प्रत्येक दल में लगभग 50 श्रद्धालु होंगे। यानी करीब 500 शिवभक्त कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकलेंगे।
शिवभक्तों के लिए खुशखबरी: 4 जुलाई से शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा, तैयारियां पूरी… 16 अगस्त तक चलेगी पवित्र यात्रा, 10 दलों में करीब 500 श्रद्धालु करेंगे भगवान शिव के धाम का दर्शन
- 4 जुलाई से कैलाश यात्रा शुरू
- 500 श्रद्धालु करेंगे पवित्र दर्शन
- केएमवीएन ने पूरी की तैयारी
- 16 अगस्त तक चलेगी यात्रा
- श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
- लिपुलेख मार्ग से होगा सफर
- सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा पर जोर
यात्रा का पहला दल 4 जुलाई को दिल्ली से रवाना होकर टनकपुर पहुंचेगा। रात्रि विश्राम के बाद श्रद्धालु पिथौरागढ़ और धारचूला होते हुए आगे बढ़ेंगे। यात्रा का पारंपरिक मार्ग टनकपुर, धारचूला, गुंजी और लिपुलेख दर्रे से होकर कैलाश मानसरोवर तक रहेगा। यह यात्रा 16 अगस्त तक संचालित की जाएगी।
केएमवीएन और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर विश्राम स्थलों, अतिथि गृहों, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। साथ ही लौटने वाले यात्रियों के लिए हल्द्वानी स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस को भी केएमवीएन को सौंप दिया गया है, जहां जल्द नवीनीकरण कार्य कराया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं की यह आध्यात्मिक यात्रा सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार बन सके।





