मध्यप्रदेश में मौसम इन दिनों दो अलग-अलग रंग दिखा रहा है। एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है, तो दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियों ने राहत का एहसास कराया है। मौसम विभाग के अनुसार 22 जून से प्रदेश के मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है। कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का दिन के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हालांकि अब मानसून की आहट के साथ मौसम का मिजाज बदलने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने लगे हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल और रायसेन समेत आसपास के क्षेत्रों में बादलों की मौजूदगी और तेज हवाओं के कारण तापमान में हल्की गिरावट महसूस की गई।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश के ऊपर सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है। इसके चलते पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं की भी आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे तथा बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने को कहा है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल तथा ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में बादल छाए रह सकते हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।
राजधानी भोपाल में रविवार को मौसम अपेक्षाकृत शांत रहा, लेकिन वातावरण में उमस बनी रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। रायसेन, विदिशा, सीहोर और नर्मदापुरम जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज हो रही हैं।
इधर प्रदेश में मानसून की एंट्री को लेकर भी अच्छी खबर सामने आ रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मध्य भारत में मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण मानसून की रफ्तार बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि 22 से 25 जून के बीच मानसून पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद 25 से 28 जून के बीच भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर और आसपास के क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो जाएंगी।
मानसून के आगमन के साथ ही प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून पूर्व की गतिविधियों के दौरान तेज हवाएं, आकाशीय बिजली और भारी बारिश कुछ क्षेत्रों में नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर मध्यप्रदेश का मौसम इस समय दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। कहीं तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है, तो कहीं बादलों और बारिश ने राहत की फुहारें बिखेरनी शुरू कर दी हैं। अब प्रदेशवासियों की निगाहें मानसून की औपचारिक दस्तक पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में मौसम की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।