नई दिल्ली। देशभर में भीषण गर्मी और उमस के बीच मानसून की धीमी चाल ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जून का महीना समाप्ति की ओर है, लेकिन बारिश के आंकड़े सामान्य से काफी कम हैं। मौसम विभाग के अनुसार 21 जून तक देश में जहां सामान्य रूप से 99.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं केवल 57.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी देश में अब तक 42 प्रतिशत कम बारिश हुई है। यह स्थिति पिछले 126 वर्षों के रिकॉर्ड में जून माह का दूसरा सबसे सूखा दौर मानी जा रही है।
- देश में सामान्य से 42% कम बारिश
- पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में रेड अलर्ट
- मध्य भारत में सबसे ज्यादा बारिश की कमी
- मुंबई समेत कई शहरों को मानसून का इंतजार
- अगले 48 घंटे में मध्यप्रदेश में बढ़ सकती है गतिविधियां
- देश में मानसून की रफ्तार सुस्त, जून बना चिंता का कारण
इतिहास में दूसरा सबसे सूखा जून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष 2009 के बाद यह पहला मौका है जब जून में इतनी बड़ी बारिश की कमी दर्ज की गई है। 2009 में जून के दौरान सामान्य से 49 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी। इस बार भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। सबसे ज्यादा असर मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में दिखाई दे रहा है, जहां खेती-किसानी की गतिविधियां बारिश पर निर्भर हैं।
मध्य भारत में सबसे अधिक कमी
बारिश के क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य भारत में स्थिति सबसे खराब है। यहां सामान्य 94.3 मिमी के मुकाबले केवल 31.9 मिमी बारिश हुई है, जो 66 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। उत्तर-पश्चिम भारत में 41 प्रतिशत, दक्षिण भारत में 26 प्रतिशत और पूर्वोत्तर भारत में 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट
जहां देश के अधिकांश हिस्से बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में अगले कुछ दिनों तक भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी रिकॉर्ड बारिश की चेतावनी दी गई है।
इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 24 जून तक तेज आंधी, तूफान और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी व्यापक वर्षा और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है।
मुंबई में अब तक नहीं पहुंचा मानसून
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी मानसून की दस्तक का इंतजार जारी है। सामान्यतः मानसून 11 जून तक मुंबई पहुंच जाता है, लेकिन इस बार उसकी गति धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून मुंबई पहुंच सकता है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में मानसून 25 जून को मुंबई पहुंचा था।
मध्यप्रदेश में जल्द बदलेगा मौसम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार मध्यप्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में प्री-मानसून बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश शुरू होने के आसार हैं। जून में अब तक प्रदेश में लगभग 143 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।
खेती और जलसंकट पर बढ़ी चिंता
बारिश की कमी का सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। खरीफ फसलों की बुवाई कई राज्यों में प्रभावित हो रही है। जलाशयों और बांधों में भी जलस्तर अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। यदि अगले एक सप्ताह में मानसून की गतिविधियां तेज नहीं हुईं तो किसानों और जल प्रबंधन एजेंसियों की चिंता और बढ़ सकती है।
देशभर की निगाहें अब मानसून पर टिकी हैं। मौसम विभाग को उम्मीद है कि बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के सक्रिय होने से मानसून की रफ्तार बढ़ेगी और आने वाले दिनों में कई राज्यों को राहत मिलेगी। फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का इंतजार लंबा होता दिखाई दे रहा है।