युवाओं का सहारा बनी एमपी की स्टार्ट-अप नीति…जानें एक साल में कितनी प्रतिशत की हुई स्वरोजगार में वृद्धि

The number of recognized start-ups in Madhya Pradesh has increased from 4012 to more than 5 thousand

युवाओं का सहारा बनी एमपी की स्टार्ट-अप नीति…जानें एक साल में कितनी प्रतिशत की हुई स्वरोजगार में वृद्धि

मध्यप्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए कार्यरत मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर की ओर से वित्तीय वर्ष 2024-25 में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। स्टार्ट-अप्स की संख्या, महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों में वृद्धि और राज्य में नवाचार को बढ़ावा देने वाली विभिन्न पहलों के चलते पिछला साल अत्यंत सफल रहा है।

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप सेंटर राज्य सरकार की एक प्रमुख पहल है। जिसका उद्देश्य प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। यह सेंटर एक समर्पित एजेंसी के रूप में काम करता है। यह स्टार्टअप्स को आवश्यक सहायता, मार्गदर्शन और संसाधन प्रदान करता है।

मुख्य विशेषता वित्तीय सहायता

महिला, अनुसूचित जाति और जनजाति के उद्यमियों को पहले निवेश पर 18 प्रतिशत अधिकतम ₹18 लाख तक की सहायता प्रदान की जाती है। अन्य स्टार्टअप्स को 15 प्रतिशत अधिकतम ₹15 लाख तक की सहायता उपलब्ध है।

इन्क्यूबेशन और मेंटरशिप

मध्यप्रदेश में72 इनक्यूबेटर सक्रिय हैं। यह स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, प्रशिक्षण और नेटवर्किंग के मौके प्रदान करते हैं।

स्टार्टअप पोर्टल

startup.mp.gov.in पोर्टल के जरिए से स्टार्टअप्स रजिस्ट्रेशन, सहायता और संसाधनों तक पहुंच सकते हैं। इसके अतिरिक्त startupmp.mygov.co.in, startup.mp.gov.in और startup.mp.gov.in के जरिए भी जानकारी ली जा सकती है।

स्टेट इनोवेशन चैलेंज

राज्य सरकार की ओर से सामाजिक-आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए चयनित स्टार्टअप्स को ₹1 करोड़ तक का अनुदान प्रदान करती है।

विशेष क्षेत्रीय पहल

एवीजीसी-एक्सआर नीति 2025 के तहत एनिमेशन, एक्सटेंडेड रियलिटी और गेमिंग क्षेत्रों में 2 हजार करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करने और 20 हजार युवाओं को नौकरियों के सृजन का टारगेट रखा गया है।

स्टार्ट-अप्स में हुई वृद्धि

पिछले एक साल के दौरान मध्यप्रदेश में मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप्स की संख्या 4012 से बढ़कर 5 हजार से अधिक हो गई। जिसमें 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। महिलाओं की ओर से संचालित स्टार्ट-अप्स में करीब 34 फीसदी की वृद्धि हुई है। इनकी संख्या भी 1864 से बढ़कर 2490 तक पहुँच चुकी है। इन प्रयासों से यह साफ है कि एमपी में महिला उद्यमिता को विशेष बल दिया जा रहा है। मौजूदा दौर में मध्यप्रदेश में स्टार्ट-अप्स की संख्या 5300 से अधिक हो चुकी है।

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