Alleged irregularities in Ram Mandir offerings: सीएम योगी ने साधा सपा पर निशाना…कहा जल्द होगा दूध का दूध पानी का पानी

Alleged irregularities in Ram Mandir offerings

रामनगरी से योगी का संदेश: आस्था भी, विकास भी और निष्पक्ष जांच का भरोसा भी
अयोध्या से बड़ी खबर… उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामनगरी पहुंचे, जहां उन्होंने रामलला के दर्शन-पूजन किए और कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। राम मंदिर चढ़ावा मामले में चल रही एसआईटी जांच के बीच मुख्यमंत्री का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक की, विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण किया और मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। साथ ही राम मंदिर प्रकरण को लेकर बड़ा संदेश देते हुए राम भक्तों से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की।

अयोध्या पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ
चढ़ावा चोरी विवाद की बीच सीएम का दौरा
राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के साथ बैठक
बंद कमरे में की सीएम योगी ने बैठक
रामलला के दर्शन कर किया पूजन
राम मंदिर मामले पर बड़ा बयान
एसआईटी जांच पर धैर्य रखने की अपील
मां कामाख्या मंदिर में की पूजा
झलकारी बाई प्रतिमा का अनावरण
विकास परियोजनाओं की दी सौगात
राम भक्तों से संयम बरतने की अपील
सपा पर साधा सीएम का निशाना
दूध का दूध पानी का पानी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसे समय अयोध्या पहुंचे हैं, जब राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत राम जन्मभूमि परिसर पहुंचकर रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना से की।

इसके बाद उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बंद कमरे में हुई इस बैठक में मंदिर निर्माण, व्यवस्थाओं और चढ़ावा मामले में गठित एसआईटी की जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिया कि सरकार पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम भक्तों और आमजन से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। बिना प्रमाण किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी के पास मामले से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण या तथ्य है तो उसे सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय सीधे एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्य को सामने लाने का काम जांच एजेंसियां करेंगी और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

रामलला की नगरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जो लोग कभी कारसेवकों पर गोली चलाने और जय श्रीराम के उद्घोष पर लाठीचार्ज कराने की घटनाओं से जुड़े रहे हैं, वे आज राम मंदिर और राम भक्तों के हितैषी बनने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार ने मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर ही एसआईटी जांच का गठन किया है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने दोहराया कि जांच पूरी होने के बाद “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा।

अपने अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केवल धार्मिक कार्यक्रमों में ही हिस्सा नहीं लिया, बल्कि विकास कार्यों को भी गति दी। उन्होंने विभिन्न लोककल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके अलावा वीरांगना झलकारी बाई की भव्य प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की। उनके इस दौरे में आस्था और विकास दोनों की झलक दिखाई दी, जो योगी सरकार की प्राथमिकताओं को भी दर्शाती है। राजनीतिक दृष्टि से भी मुख्यमंत्री का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर राम मंदिर से जुड़े विवाद और उसकी जांच को लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट करने का प्रयास किया गया, तो दूसरी ओर अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा और नई परियोजनाओं के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि रामनगरी केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि विकास का भी प्रमुख मॉडल बन रही है।

अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां एक ओर रामलला के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं विकास परियोजनाओं की नई सौगात भी दी। राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी जांच को लेकर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सत्य सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी को धैर्य, संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। फिलहाल रामनगरी से मुख्यमंत्री का संदेश साफ है—आस्था का सम्मान भी होगा, विकास की रफ्तार भी जारी रहेगी और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी।

 

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