पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड ने अब नया मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के निजी सहायक रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच अब Central Bureau of Investigation के हाथों में पहुंच चुकी है। CBI ने कोलकाता पुलिस की FIR को दोबारा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी की विशेष टीम पश्चिम बंगाल पहुंचकर घटनास्थल, आरोपियों और अब तक जुटाए गए सबूतों की विस्तृत जांच करेगी।
अब CBI खोलेगी चंद्रनाथ रथ हत्याकांड का राज
यूपी-बिहार कनेक्शन से उलझी हाईप्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री
शुभेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ
अब CBI के हाथों में चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच
बलिया के राज सिंह समेत तीन गिरफ्तार
परिवार बोला- राजनीतिक साजिश में फंसाया गया
इस हत्याकांड में सबसे ज्यादा चर्चा उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह की गिरफ्तारी को लेकर हो रही है। कोलकाता पुलिस ने राज सिंह को अयोध्या-बस्ती हाईवे से हिरासत में लिया था। उसके साथ बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को भी गिरफ्तार किया गया। तीन राज्यों तक फैली इस कार्रवाई ने मामले को और हाईप्रोफाइल बना दिया है।
बलिया से शुरू हुई कहानी
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के आनंद नगर निवासी राज सिंह अचानक उस समय सुर्खियों में आ गया, जब उसका नाम बंगाल के इस चर्चित हत्याकांड से जुड़ गया। राज सिंह के परिवार का दावा है कि उसका इस हत्या से कोई संबंध नहीं है। उसकी मां जयवंती देवी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वे बेटे के साथ लखनऊ में एक शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। वहां से लौटते समय अयोध्या में दर्शन करने का कार्यक्रम बनाया गया था।
जयवंती देवी के मुताबिक, “हम लोग दर्शन करने के बाद ढाबे पर खाना खा रहे थे। तभी अचानक एसओजी की टीम आई और मेरे बेटे को पकड़ लिया। मुझे महिला थाने में बैठा दिया गया और रातभर वहीं रखा गया।” उन्होंने बताया कि अगले दिन उन्हें केवल दस मिनट के लिए बेटे से मिलने दिया गया, जिसके बाद बताया गया कि कोलकाता पुलिस उसे पूछताछ के लिए ले जा रही है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि परिवार कभी कोलकाता तक नहीं गया और न वहां कोई रिश्तेदारी है। ऐसे में हत्या जैसे गंभीर मामले में बेटे का नाम आने से पूरा परिवार सदमे में है।
बहन ने बताया राजनीतिक रंजिश
राज सिंह की बहन दीपशिखा, जो पेशे से वकील हैं, उन्होंने भी भाई के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। दीपशिखा का कहना है कि राज सिंह स्थानीय राजनीति में सक्रिय था और ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। उनके अनुसार इसी वजह से उसे राजनीतिक रंजिश का शिकार बनाया गया है। दीपशिखा ने कहा कि परिवार का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है और न ही उनका कोई सदस्य कभी वहां गया। ऐसे में बंगाल में हुई हत्या से उनके भाई का नाम जोड़ना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में
हालांकि जांच एजेंसियों के सामने राज सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी एक बड़ा पहलू बनकर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 में वह एक अंडा व्यवसायी की हत्या के मामले में जेल जा चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर था। इसके अलावा सोशल मीडिया पर उसकी कई तस्वीरें स्थानीय भाजपा नेताओं और मंत्रियों के साथ वायरल हो रही हैं। हालांकि राजनीतिक संपर्क किसी अपराध का प्रमाण नहीं माने जाते, लेकिन जांच एजेंसियां अब उसके पुराने नेटवर्क, कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही हैं।
तीन राज्यों तक फैली जांच
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड अब केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रह गया है। उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल की पुलिस पहले से इस मामले में सक्रिय रही है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि हत्या के पीछे कोई संगठित नेटवर्क था या मामला व्यक्तिगत दुश्मनी और राजनीतिक रंजिश से जुड़ा हुआ है।
बंगाल की राजनीति में मचा था भूचाल
चंद्रनाथ रथ लंबे समय से Suvendu Adhikari के करीबी माने जाते थे। राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका थी। उनकी हत्या के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया था। भाजपा ने मामले को राजनीतिक साजिश और कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे, जबकि सत्तारूढ़ दल ने आरोपों को खारिज किया था। अब जब जांच CBI के हाथों में पहुंच गई है, तो मामले को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
अब सबकी नजर CBI जांच पर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गिरफ्तार किए गए आरोपियों का हत्या से सीधा संबंध है? क्या यह केवल व्यक्तिगत या राजनीतिक दुश्मनी का मामला है, या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक और राजनीतिक नेटवर्क काम कर रहा था? इन सभी सवालों के जवाब अब CBI की जांच से सामने आने की उम्मीद है। एजेंसी आने वाले दिनों में कई अहम लोगों से पूछताछ कर सकती है और डिजिटल सबूतों के आधार पर केस की नई परतें खुल सकती हैं। चंद्रनाथ रथ हत्याकांड अब केवल एक हत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार तक फैली एक ऐसी हाईप्रोफाइल जांच बन चुका है, जिस पर राजनीतिक दलों, जांच एजेंसियों और आम लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।





