मौसम का बदलता मिजाज…कही झमाझम बारिश तो कहीं भीषण गर्मी का दौर

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देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर मानसून कई राज्यों में सक्रिय होकर झमाझम बारिश करा रहा है, तो दूसरी ओर उत्तर भारत के कुछ हिस्से अब भी भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे हैं। 24 जून 2026 को मौसम का यह दोहरा स्वरूप देश के अलग-अलग क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है, वहीं कुछ क्षेत्रों में हीटवेव जैसे हालात बने हुए हैं।

उत्तर भारत में गर्मी और उमस का सितम

दिल्ली-एनसीआर में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन इससे लोगों को अधिक राहत मिलने के आसार नहीं हैं। अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। दिनभर उमस लोगों को परेशान कर सकती है। हालांकि शाम के समय कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।

उत्तर प्रदेश में भी गर्मी का असर बरकरार है। पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में तेज धूप और उमस का दौर जारी रहेगा। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, वाराणसी और आसपास के जिलों में बादल छाने तथा गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर तापमान में कुछ गिरावट दर्ज हो सकती है।

बिहार में मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। उत्तरी बिहार के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि दक्षिणी बिहार के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बारिश की कमी के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय

मध्य प्रदेश में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर, नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। दोपहर बाद कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में मानसून लगभग पूरे प्रदेश में सक्रिय हो चुका है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है।

मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

महाराष्ट्र विशेषकर मुंबई और कोंकण क्षेत्र में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।

राजस्थान में मौसम दो भागों में बंटा नजर आ रहा है। पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में हल्की बारिश और बादल छाने की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर जैसे क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप जारी है। यहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है और लू जैसे हालात बने रह सकते हैं।

दक्षिण भारत में बारिश का सिलसिला जारी

दक्षिण भारत के राज्यों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। केरल के कुछ जिलों में जलभराव और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन सतर्क है।

पूर्वोत्तर में सबसे ज्यादा बारिश

पूर्वोत्तर भारत में मानसून का सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में अत्यंत भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

मौसम विभाग की विशेष सलाह

मौसम विभाग ने जिन क्षेत्रों में आंधी, बिजली और वज्रपात की चेतावनी जारी की है, वहां लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। वहीं तटीय राज्यों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

कुल मिलाकर 24 जून 2026 को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून का प्रभाव दिखाई देगा, जबकि कुछ क्षेत्रों में गर्मी और उमस लोगों की परीक्षा लेती रहेगी। आने वाले दिनों में मानसून के और अधिक सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे कई राज्यों में मौसम का स्वरूप तेजी से बदल सकता है।

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