Share Market: शेयर बाजार में दिनभर उतार-चढ़ाव: शुरुआती गिरावट के बाद संभला सेंसेक्स-निफ्टी, लेकिन दबाव बरकरार

भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार ने कुछ हद तक रिकवरी दिखाई। हालांकि, वैश्विक संकेत और घरेलू कारकों के चलते निवेशकों की चिंता अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

सुबह की बड़ी गिरावट के बाद बाजार ने धीरे-धीरे संभाला मोर्चा और नुकसान सीमित किया

मंगलवार के शुरुआती सत्र में बाजार पर दबाव साफ नजर आया। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स शुरुआत में 420 अंकों से ज्यादा टूट गया था, लेकिन बाद में रिकवरी करते हुए यह करीब 152.22 अंक यानी 0.20% की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं, एनएसई का निफ्टी इंडेक्स भी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए 51.90 अंक की कमजोरी के साथ 24,067.40 के स्तर पर बना रहा।

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और निवेशकों की चिंता बढ़ी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। इस टेंशन के कारण ग्लोबल निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और वे सतर्क रुख अपना रहे हैं। पश्चिम एशिया में किसी भी बड़े टकराव की आशंका बाजार के लिए नकारात्मक संकेत दे रही है।

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से महंगाई को लेकर चिंता गहराई

तेल की कीमतों में तेजी ने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, आज सुबह कुछ गिरावट देखने को मिली—WTI क्रूड करीब 105 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड लगभग 113 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखा। लेकिन हाल ही में ईरान से जुड़े हमले की खबर के बाद तेल की कीमतों में अचानक उछाल आया था, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका और गहरा गई है।

रुपया कमजोर होकर ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचा, विदेशी निवेश पर असर

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.33 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया है। यह गिरावट विदेशी निवेशकों के लिए चिंता का कारण बन रही है, क्योंकि कमजोर मुद्रा से आयात महंगा होता है और बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जबकि अमेरिकी बाजारों में गिरावट का दबाव कायम

एशियाई शेयर बाजारों में आज सतर्कता देखने को मिली। चीन और जापान के बाजार बंद रहे, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स हाल ही में 28 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त दर्ज कर चुका है। दूसरी ओर, अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए—डॉव जोन्स 557 अंक टूटा, जबकि S&P 500 और नैस्डैक में भी कमजोरी देखने को मिली।

निवेशकों के लिए संकेत: बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है

मौजूदा हालात को देखते हुए बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ग्लोबल घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की स्थिति आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।

 

 

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