भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई, लेकिन कुछ ही देर में बाजार की रौनक गायब हो गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में पहुंच गए। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 416 अंक चढ़कर 73,665 पर खुला था, जबकि एनएसई निफ्टी 54 अंक की बढ़त के साथ 22,742 पर पहुंचा। हालांकि, अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली, एशियाई बाजारों की कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसके बाद बाजार में बिकवाली तेज हो गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, एक घंटे के भीतर निवेशकों की संपत्ति में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई और बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर 448 लाख करोड़ रुपये रह गया।
शुरुआती बढ़त के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट
कारोबार के दौरान सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर 73,766 से फिसलकर 72,918 के आसपास आ गया। एक समय सेंसेक्स 461 अंक तक नीचे पहुंच गया और 72,788 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, निफ्टी भी 221 अंक टूटकर 22,466 के आसपास पहुंच गया। बाजार में आई इस अचानक कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। सुबह की तेजी के बाद प्रमुख सूचकांकों का नीचे आना बताता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव काफी तेज बना हुआ है।
टाटा स्टील और टाइटन समेत कई बड़े शेयरों पर दबाव
शुक्रवार के कारोबार में टाटा स्टील और टाइटन के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। टाटा स्टील करीब 3.18 प्रतिशत और टाइटन लगभग 2.85 प्रतिशत नीचे रहे। अडानी पोर्ट्स में भी करीब 2.76 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई। इंडिगो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर भी दो प्रतिशत से अधिक टूटे। इसके विपरीत आईटी क्षेत्र के कुछ शेयरों में मजबूती रही। टीसीएस, इन्फोसिस और एचसीएल टेक बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार पर बनाया दबाव
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहों में अंतरराष्ट्रीय संकेतों की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी शामिल रही। अमेरिकी टेक शेयरों में भारी बिकवाली का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा। एशियाई बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश के लिए चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि इससे आयात बिल और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम लेने से बचते हुए बिकवाली कर सकते हैं।
सेंसेक्स के लिए 73,000 का स्तर क्यों है अहम?
तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, सेंसेक्स के लिए 73,000 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस स्तर के ऊपर टिके रहने पर बाजार को कुछ स्थिरता मिल सकती है। वहीं, 72,600 से 72,900 के बीच का सपोर्ट क्षेत्र टूटने पर बिकवाली और बढ़ने की आशंका है। निफ्टी भी कारोबार के दौरान 22,554 तक फिसल गया था। ऐसे में निवेशकों की नजर प्रमुख सपोर्ट स्तरों और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर बनी हुई है।
बाजार बंद होने तक निवेशकों की नजर किन संकेतों पर रहेगी?
उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, सेंसेक्स 460 अंक यानी करीब 0.62 प्रतिशत गिरकर 73,249 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 भी 123 अंक यानी 0.54 प्रतिशत नीचे आकर 22,687 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान दोनों सूचकांकों ने इससे निचले स्तर भी छुए। बाजार की अगली दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख कंपनियों के शेयरों में होने वाली खरीद-बिक्री पर निर्भर कर सकती है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल बाजार की तेजी या गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें और अपने जोखिम के अनुसार निवेश करें।