मालदीव में समुद्री पर्यटन को बढ़ावा देने और कोरल रीफ के विकास में मदद करने के लिए एक अनोखी परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत मालदीव की सरकारी एयरलाइन से रिटायर हुए दो डोर्नियर 228 विमानों को समुद्र के भीतर डुबोकर कृत्रिम रीफ तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का नाम ‘कुडागिरी धूनीयर रेक प्रोजेक्ट’ है। इसका उद्देश्य स्कूबा डाइविंग और स्नोर्कलिंग करने वाले पर्यटकों के लिए पानी के अंदर एक नया आकर्षण विकसित करना है। परियोजना से समुद्री जीवन को बढ़ावा देने और मालदीव में मरीन टूरिज्म के नए अवसर पैदा करने की उम्मीद है।
2025 में शुरू हुई थी अनोखी परियोजना
कुडागिरी धूनीयर रेक प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्ष 2025 में हुई थी। इसके तहत कुडागिरी पिकनिक आइलैंड के पास लैगून में दो डीकमीशन्ड डोर्नियर 228 विमान डुबाए गए। इन विमानों ने वर्ष 2000 तक सेवाएं दी थीं। अब इनके ढांचे को समुद्र के भीतर एक विशेष आकर्षण के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के नाम में ‘धूनी’ का अर्थ दिवेही भाषा में पक्षी बताया गया है, जबकि ‘यर’ शब्द विमान के नाम डोर्नियर से लिया गया है।
कोरल ग्रोथ और समुद्री जीवन को मिलेगा बढ़ावा
परियोजना के तहत कंजर्वेशन टीमों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रतिनिधियों ने कोरल के टुकड़ों को विशेष रूप से डिजाइन किए गए अंडरवॉटर फ्रेम से जोड़कर धुनियर रेक साइट पर रखा है। इसका मकसद समय के साथ कोरल की वृद्धि को बढ़ावा देना और कृत्रिम रीफ विकसित करना है। विमान के ढांचे को समुद्र में स्थिर रखने के लिए अतिरिक्त भार भी लगाया गया है, ताकि पानी के बहाव से वह अपनी जगह से न हिले।
कई सरकारी संस्थाएं मिलकर कर रही हैं काम
इस परियोजना को मालदीव की हाउसिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HDC), मालदीव मार्केटिंग एंड पब्लिक रिलेशंस कॉर्पोरेशन (MMPRC) और मालदीव ट्रांसपोर्ट एंड कॉन्ट्रैक्टिंग कंपनी (MTCC) ने मिलकर विकसित किया है। साइट की जिम्मेदारी HDC को सौंपी गई है। डोर्नियर 228 दो इंजन वाला विमान है, जिसमें 19 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है। छोटे रनवे से उड़ान भरने और उतरने की क्षमता के कारण यह विमान मालदीव जैसे द्वीपीय देश के लिए उपयोगी रहा है। अब यही विमान समुद्र के भीतर पर्यटन और समुद्री संरक्षण की नई पहल का हिस्सा बन रहे हैं।